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आयकर प्रक्रियाओं को सरल बनाने हेतु धमतरी चेम्बर ने मुख्य आयकर आयुक्त को सौंपे महत्वपूर्ण सुझाव

छग चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश उपाध्यक्ष राजा रोहरा (दिनेश) ने बताया कि व्यापारियों और आयकर विभाग के बीच विश्वास बढ़ाने तथा कर प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने की दिशा में चेम्बर द्वारा एक उठाया गया है महत्वपूर्ण कदम

धमतरी। छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश उपाध्यक्ष राजा रोहरा (दिनेश) ने जानकारी देते हुए बताया कि व्यापारियों और आयकर विभाग के बीच विश्वास बढ़ाने तथा कर प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने की दिशा में चेम्बर द्वारा एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।छत्तीसगढ़ चेम्बर अध्यक्ष सतीश थौरानी के मार्गदर्शन में चेम्बर के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर स्थित केंद्रीय राजस्व भवन में आयोजित (रीजनल डायरेक्ट टैक्सस एडवाइजरी कमिटी ) की बैठक में शिरकत की। इस बैठक में धमतरी सहित प्रदेशभर के व्यापारिक हितों को ध्यान में रखते हुए मुख्य आयकर आयुक्त श्री के. देवरत्न कुमार को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया।

व्यापारियों के हित में प्रमुख सुझाव एवं मांगें

राजा रोहरा (दिनेश) ने बताया कि बैठक में चेम्बर कार्यकारी अध्यक्ष श्री राधा किशन सुन्दरानी ने लोकसभा सांसद माननीया रूप कुमारी चौधरी की उपस्थिति में प्रमुखता से निम्नलिखित बिंदु रखे: प्रवर्तन से अधिक सुविधा (फेसिलिटेशन ओवर इनफ़ोर्समेंट ): विभाग को सख्त कार्रवाई के बजाय व्यापारियों को कर अनुपालन में सहयोग करने की नीति अपनानी चाहिए।

एम एस एम ई और छोटे शहरों पर ध्यान:

धमतरी जैसे टियर-2 और टियर-3 शहरों में टैक्स अवेयरनेस प्रोग्राम चलाने और छोटे व्यापारियों के लिए ‘कम्प्लायंस सपोर्ट सेंटर’ खोलने का सुझाव दिया गया।

फेसलेस असेसमेंट में सुधार: व्यापारियों को वर्चुअल हीयरिंग (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) का प्रभावी अधिकार मिले और नोटिस की भाषा सरल व स्पष्ट हो।

त्रुटि सुधार हेतु अवसर: मानवीय भूलों को सुधारने के लिए ‘पेनल्टी-फ्री करेक्शन विंडो’ प्रदान की जाए ताकि छोटे व्यापारी दंड से बच सकें।

मुकदमेबाजी में कमी: छोटे मामलों में मुकदमेबाजी कम करने के लिए थ्रेशोल्ड लिमिट बढ़ाने और केवल रिस्क-आधारित स्क्रूटनी को ही प्राथमिकता देने का आग्रह किया गया।

तकनीकी समाधान: आयकर पोर्टल की स्थिरता सुनिश्चित करने और शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए ‘डेडिकेटेड ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम’ की मांग की गई।
उद्देश्य और आश्वासन
प्रदेश उपाध्यक्ष राजा रोहरा ने आगे कहा कि हमारा उद्देश्य कर प्रशासन को भयमुक्त और विश्वास-आधारित बनाना है। यदि व्यापारियों को बेवजह की जटिलताओं से राहत मिलती है, तो टैक्स कलेक्शन और व्यापार दोनों में स्वतः वृद्धि होगी।
मुख्य आयकर आयुक्त ने चेम्बर के इन सुझावों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए इन्हें जल्द अमल में लाने का आश्वासन दिया है। इस बैठक में चेम्बर के अन्य प्रमुख पदाधिकारी और प्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित रहे।

Ashish Kumar Jain

Editor In Chief Sankalp Bharat News

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