कमर्शियल सिलेंडर महंगा होने पर कांग्रेस ने गोल बाजार में फूंका विरोध का बिगुल
जिलाध्यक्ष तारिणी चंद्राकर ने केंद्र पर लगाया महंगाई बढ़ाने का आरोप

धमतरी। कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में 993 रुपये की बढ़ोतरी के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गोल बाजार के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। कांग्रेस नेताओं ने बढ़ी हुई कीमतें तत्काल वापस लेने की मांग की और चेतावनी दी कि फैसला वापस नहीं हुआ तो जनता के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। जिला कांग्रेस अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने रातों-रात सिलेंडर के दाम बढ़ाकर आम जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ा दिया है। पहले भी दाम बढ़ाए गए थे और अब कमर्शियल सिलेंडर में 993 रुपये की भारी वृद्धि कर झटका दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकारें लगातार महंगाई बढ़ा रही हैं। श्रीमति चंद्राकर ने कहा कि पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव समाप्त होते ही सरकार ने गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए, जिससे आम आदमी की मुश्किलें और बढ़ेंगी। इसका सीधा असर होटल, ढाबा, चाट-ठेले से लेकर आम गृहणियों की रसोई तक पड़ेगा।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मांग की कि बढ़ी हुई कीमतें तुरंत वापस ली जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने यह फैसला वापस नहीं लिया तो कांग्रेस जनता के साथ मिलकर सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी। महंगाई के खिलाफ जिले भर में विरोध तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर, पूर्व विधायक लेखराम साहू, पूर्व जिला अध्यक्ष मोहन लालवानी, पूर्व पीसीसी सचिव आनंद पवार, जिला प्रभारी महामंत्री अरविंद दोषी, ब्लॉक अध्यक्ष गौतम वाधवानी, वरिष्ठ नेता गोपाल प्रसाद शर्मा, विजय प्रकाश जैन, हरमिंदर छाबड़ा, बृजेश जगताप, जिला उपाध्यक्ष कविता बाबर, सलीम रोकडिया, सूर्यप्रभा चेटयार, जिला महामंत्री आलोक जाधव, विक्रांत पवार, आकाश गोलछा, उप नेता प्रतिपक्ष विशु देवांगन, महिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष अंबिका सिन्हा, शहर अध्यक्ष शास्त्री सोनवानी, पार्षद सुमन मेश्राम, रामनाथ यादव, खिलेन्द्र साहू, राजेश पांडे, सलीम तिगाला, रफीक भाई, समीना खान, दीपक साहू, चंदन रजक, योगेश्वर साहू, रजत सोनकर, सूरज पासवान, हेमंत सेन, अविनाश मरोठे, आशुतोष खरे, राजू शेख, गोपाल कामड़े, गनेश्वरी कामड़े, मानिक साहू आदि मौजूद रहे।
