मोदी जी पहले ऐसे प्रधानमंत्री है जो राष्ट्र की उत्पादकता को कम करने पर तुले हुए है, नागरिकों को काम नहीं करने की सलाह दे रहे है – त्रिवेदी
गैस, पेट्रोल, डीजल की किल्लत व देश में बिगड़ते हालात के मुद्दे पर पाठ्य पुस्तक निगम के पूर्व अध्यक्ष ने ली प्रेसवार्ता
जिला अध्यक्ष तारिणी चन्द्राकर विधायक ओंकार साहू सहित वरिष्ठ कांग्रेसी रहे उपस्थित

धमतरी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देशवासियों से की गई अपील एवं महंगाई के मुद्दे को लेकर मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व अध्यक्ष पाठ्य पुस्तक निगम शैलेष नितिन त्रिवेदी ने आज राजीव भवन में पत्रकारों को संबोधित किया। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष तारिणी चन्द्राकर विधायक ओंकार साहू, कांग्रेस नेता शरद लोहाना, मोहन लालवानी, विजय देवांगन, लेखराम साहू, गोपाल शर्मा, मदनमोहन खण्डेलवाल, अरविंद दोशी, विपिन साहू, कविता योगेश बाबर, आनंद पवार, तपन चन्द्राकर, आलोक जाधव. दीपक सोनकर, विक्रांत पवार, विक्रांत शर्मा आदि उपस्थित रहे।
शैलेष नितिन त्रिवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की देशवासियों से की गयी अपील ने देशवासियों के जख्मों पर नमक डालने का काम किया। प्रधानमंत्री ने किसानों को सलाह दिया कि खेती में उर्वरक का उपयोग कम करें। उन्होंने देश के कामकाजी वर्ग को सलाह दिया कि वर्क फॉर्म होम करिए। ऑफिस मत जाईये। खाद्य तेल कम उपयोग करे, गैस का उपयोग कम करे, सोना मत खरीदे, विदेश यात्रा मत करेें। यह मोदी सरकार की नाकामी दर्शा रहा है। मोदी कह रहे कि किसान उर्वरकों का उपयोग कम करे जबकि देश में पिछले सात साल से उर्वरकों की कमी है। प्रधानमंत्री उर्वरक की व्यवस्था करने के बजाय बार-बार किसानों से यूरिया की खपत कम करने की अपील करते रहे है। देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री है जो राष्ट्र की उत्पादकता को कम करने पर तुले हुए है। मोदी नागरिकों को काम नहीं करने की सलाह दे रहे। मोदी जी के इस सलाह से फिल्ड में काम करने वाले, गली कूचे में घूमकर सामान बेचने वाले, फेरी लगाने वाले क्या करेंगे। मोदी राज में किचन का बजट बिगड़ा हुआ है। खाद्य सामाग्री के दाम इतने बढ़े हुए है कि तेल क्या गृहणियां हर चीज के बजट में कटौती कर रही है। 2013 में जब देश में कांग्रेस की सरकार थी, तब भारत में सोने की कीमत 28500 से 29600 रू. प्रति ग्राम था। आज 2026 में आज सोने का भाव 152130 रु. प्रति 10 ग्राम है।
पेट्रोल, डीजल के दाम बढ़े, मोदी खुद विदेश यात्रा पर करोड़ो फूंक रहे
मोदी राज में पेट्रोल डीजल के दाम में बेहताशा वृद्धि हुई है। 12 सालो में मोदो सरकार ने क्रूड आयल भंडारण का एक भी केन्द्र नहीं बनाया। जब से प्रधानमंत्री बने है उन्होने 70 देषों के विदेश यात्रा पर लगभग 815 करोड़ रू. खर्चा किया है तथा 300 से अधिक दिन विदेशों में बिताया है, उनका निजी विमान जिसमें वे चलते है उसकी कीमत 8400 करोड रू. है।
आम आदमी कर्जदार हुआ
भाजपा सरकार बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी को नियंत्रित करने में असफल और नकारा साबित हुई है। अभी हाल ही में देश भर में हुई सर्वे में एक बात सामने आई है कि मोदी सरकार की गलत नीतियों, रोजगार देने में असफलता, पेट्रोल, डीजल में मनमाना एक्साइज ड्यूटी, रेल यात्रा का महंगा होना, सड़कों पर टोल टैक्स के दरों में वृद्धि एवं आवश्यक वस्तुओं पर भी लगाई गई जीएसटी के चलते आम लोगों के आय एवं बचत घटी है और मुखिया को घर चलाने के लिए घर की आवश्यकताओं को पूर्ति करने के लिए 77 प्रतिशत तक के ऋण लेने पड़े है, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार को कोई वास्ता नहीं। प्रधानमंत्री मोदी से देश नहीं संभल रहा।

