खाद की कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश
समय-सीमा की बैठक में योजनाओं की प्रगति की समीक्षा, लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश

धमतरी- कलेक्टर अबिनाश मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित समय-सीमा की बैठक में जिले के विभिन्न विभागों की योजनाओं, विकास कार्यों एवं लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में कलेक्टर ने शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में तेजी लाने तथा लंबित मामलों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने खाद दुकानों पर की गई कार्रवाई एवं जारी शो-कॉज नोटिस की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में खाद की कालाबाजारी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को नियमित निरीक्षण एवं सतत कार्रवाई जारी रखने के निर्देश देते हुए खाद के भंडारण, उठाव एवं वितरण की स्थिति पर सतत निगरानी रखने को कहा, ताकि छोटे किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
राजस्व विभाग की समीक्षा में कलेक्टर श्री मिश्रा ने एग्री स्टैक के संयुक्त खातों के सत्यापन हेतु संयुक्त टीमों को सक्रिय रूप से कार्य करने के निर्देश दिए। सभी तहसीलदारों को लंबित प्रकरणों की कुल संख्या सहित अद्यतन जानकारी प्रस्तुत करने कहा गया। साथ ही ई-कोर्ट प्रकरणों में समय-सीमा से बाहर लंबित मामलों के कारणों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा वर्तमान स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
बैठक में लोक निर्माण विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल संसाधन विभाग एवं क्रेडा के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने पूर्व में दिए गए निर्देशों के पालन की स्थिति जानी। सचिव एवं पटवारी बैठक तथा प्राचार्यों को पूर्व में दिए गए निर्देशों पर हुई प्रगति की भी समीक्षा की गई।कलेक्टर ने सुपोषण धमतरी अभियान, समितियों में धान शून्यीकरण कार्य तथा जेएसजेबी की समीक्षा करते हुए कहा कि जनपद एवं नगरीय निकायों में अपेक्षित प्रगति नहीं है, जिसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए गए। सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों के निराकरण की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ सीएमओ कार्यालयों में प्रकरणों के निराकरण की प्रगति अब भी शून्य है, जो चिंताजनक स्थिति है।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर द्वारा निर्धारित 10 प्रमुख बिंदुओं हाइपरटेंशन, संस्थागत प्रसव, बीपी एवं शुगर जांच, एचआरपी चिन्हांकन, एनीमिया जांच, कैंसर स्क्रीनिंग, फॉलोअप पंजीयन एवं मेंटल हेल्थ स्क्रीनिंग—में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर संबंधित संस्थाओं के सीएचओ एवं आरएचओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा टीबी मुक्त भारत अभियान, 100 दिवस कार्ययोजना, स्वास्थ्य अधोसंरचना कार्यों एवं सीजीएमएससी से जुड़े विषयों की भी समीक्षा की गई। एमडी एनएचएम के प्रस्तावित दौरे की तैयारियों की जानकारी भी अधिकारियों से ली गई।उद्योग विभाग की समीक्षा के दौरान प्रमुख परियोजनाओं हेतु भूमि आबंटन एवं औद्योगिक परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। वहीं लीड बैंक प्रबंधक से किसान क्रेडिट कार्ड, पीएमएफएमई, पीएमईजीपी, एनएलएम, एनएचबी, मुद्रा एवं स्वनिधि योजनाओं की प्रगति तथा नए बैंक खोलने की स्थिति की जानकारी ली गई। बैठक में डीआरसीएस विभाग को नई बुनकरी एवं दुग्ध समितियों के गठन की प्रगति संबंधी विस्तृत आंकड़े प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। अंत में कलेक्टर श्री मिश्रा ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।बैठक में सीईओ जिला पंचायत गजेंद्र सिंह ठाकुर, अपर कलेक्टर इंदिरा देवहारी, एसडीएम धमतरी पीयूष तिवारी, एसडीएम कुरूद नभ सिंह कोसले सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

