गर्मी से बचने यात्रियों के लिए नहीं है उचित व्यवस्था, बसों के इंतजार में भीषण गर्मी से हो रहे बेहाल
नये बस स्टैण्ड, सिहावा रोड, रतनाबांधा रोड सहित कहीं नहीं मिल रही यात्रियों को राहत
दुकानों के शेड के नीचे करते है बसों का इंतजार, कई बार सुनने पड़ते है ताने

धमतरी। यात्रियों की परेशानी गर्मी के मौसम में और बढ़ जाती है सामान्य दिनों में तो खुले आसमान के नीचे यात्री बसों का इंतजार कर लेते है लेकिन जब गर्मी रिकार्ड तोडऩे लगे तो खुले आसमान के नीचे बसों का काफी देर तक इंतजार असहनीय व पीड़ादायक हो जाता है, ऐसे ही हालात इन दिनों शहर के सभी बस स्टापेज वाले स्थलो में बने हुए है।
ज्ञात हो कि नया बस स्टैण्ड में रोजाना लगभग 250 से 300 बसों का आवागमन होते है। यहां से रायपुर, जगदलपुर व सम्पूर्ण बस्तर के लिए बसे, दुर्ग-भिलाई, बालोद, राजनांदगांव, अंतागढ़, नगरी, सिहावा, भखारा आदि रुटो व स्थानों के लिए बसों का संचालन होता है। यहां रोजाना हजारों यात्रियों का आवागमन होता है। इस दौरान कई बार यात्रियों को बसों का इंतजार काफी देर तक करना पड़ता है। और वर्तमान में पड़ रही भीषण गर्मी से यात्री बेहाल हो रहे है। यात्रियों को छांव के लिए आसपास के दुकानों के शेड के नीचे रुकना पड़ता है। इससे कई बार कुछ दुकानदारों से फटकार व ताने भी सुनने पड़ते है। सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों व बुजुर्गो को होती है। इसी प्रकार रत्नाबांधा रोड, सिहावा रोड, बस्तर रोड में कुछ जगह बसे रुकती है यहां भी छांव तक की व्यवस्था नहीं है। इससे यात्रियों का परेशानी बढ़ जाती है।
यात्री प्रतिक्षालय में भीषण गर्मी
नया बस स्टैण्ड में यात्री प्रतिक्षालय है लेकिन यह भगवान भरोसे है। यहां शेड लगा हुआ है। दोपहर में शेड काफी गरम होकर आग उगलने लगता है। प्रतिक्षालय में पंखे लगे है, लेकिन यह गर्मी से राहत तो देते नहीं उल्टे गर्म हवाओं के थपेड़ो से यात्री परेशान हो जाते है। यहां ठंडे पानी के लिए पहले फ्रीजर लगा था. सालों से यह सुविधा भी यात्रियों को नहीं मिल रही है। यहां स्वच्छता का बुरा हाल रहता है। इसलिए कई बार यात्री चाहकर भी प्रतिक्षालय में प्रवेश नहीं कर पाते है। और यदि मन मारकर प्रतिक्षालय में रुक जाये तो उन्हें बसों में सीट मिलने में देरी होने का डर रहता है। इसलिए भी कई यात्री प्रतिक्षालय में नहीं ठहर पाते।
शुरु से बंद है ब्रेस्ट फीडिंग रुम
नया बस स्टैण्ड यात्री प्रतिक्षालय में निगम द्वारा महिला यात्रियों को होने वाली परेशानी को ध्यान में रखते हुए ब्रेस्ट फीडिंग रुम बनवाया गया है, लेकिन जब से रुम का निर्माण हुआ है तब से आज तक इसका किसी महिला ने इस्तेमाल नहीं किया है क्योंकि यहां शुरु से ही ताला लटका हुआ था। बाद में ताला हटाया गया तो लोहे की तारों से रुम का दरवाजा लॉक कर दिया गया। अब तक यह रुम बच्चों को दुग्धपान कराने के उद्देश्य को पूरा नहीं कर पाई है। और गंदगी से लबरेज हो चुकी है।
नहीं मिलता शीतल पानी
बस स्टैण्ड में पहले धमतरी नीर वाटर एटीएम था जहां से शुद्ध शीतल पेयजल मिल जाता था साथ ही यात्री प्रतिक्षालय के फ्रीजर से शीतल पानी मिलता था लेकिन अब सालों से यात्रियों को शीतल जल नहीं मिल पा रहा है। चूंकि वर्तमान में पड़ रही भीषण गर्मी के कारण लोगों को मंहगे दाम में खरीदकर ठंडा पानी पीना पड़ रहा है। बस स्टैण्ड में एक वाटर फ्रीजर की अत्यंत आवश्यकता महसूस की जा रही है।

