पेट्रोल डीजल में लगातार वृद्धि से बढऩे लगी मंहगाई, निम्न व मध्यम वर्गीय परिवारों का बिगड़ा बजट
पेट्रोल में 4 बार में 7.50 रुपये, डीजल में 7.43 पैसे की हो चुकी है वृद्धि, आगे भी हो सकती है कीमतो में वृद्धि
ट्रांसपोर्टेशन कास्ट बढऩे से बढ़ रहे सब्जियों व अन्य वस्तुओं के दाम, सफर भी हो सकता है मंहगा

धमतरी । ईरान, अमेरिका, इजराइल युद्ध का वैश्विक प्रभाव हुआ है। इससे भारत अछूता नहीं रहा है। भारत में अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है। युद्ध के चलते खाड़ी देशो से आने वाले ईधन बाधित हुए है। इसलिए वैश्विक बाजार में क्रूड आयल की कीमते भी बढ़ी है। नतीजन भारत में भी ईधन की कीमते अब आये दिन बढऩे लगी है। इसका सीधा असर आम जनता पर पडऩे लगा है।
बीते कुछ दिनों में चार बार पेट्रोल डीजल के दामों में वृद्धि हुई है। चार बार की वृद्धि में पेट्रोल 7.50 रुपये और डीजल 7.43 रुपये बढ़ गये है। डीजल के दाम बढऩे से ट्रांसपोर्टेशन चार्ज बढ़ जाता है। इससे सभी वस्तुओं के दाम भी बढऩे लगते है। ईंधन के दाम में वृद्धि और आने वाले समय में और वृद्धि की आंशकाओं के बीच मंहगाई बढऩे लगी है। सब्जियों के साथ ही अन्य दैनिक उपयोग के सामानो की कीमतो में वृद्धि हो रही है। जिस प्रकार डीजल के दाम बढ़े है और आगे भी बढ़ सकते है। उससे बसों में सफर का किराया भी बढ़ सकता है। यातायात परिवहन महासंघ द्वारा इस संबंध में परिवहन आयुक्त को ज्ञापन सौंपा भी गया है और यदि डीजल के दाम आगे और बढ़े तो बसो का किराया भी जल्द बढ़ेगा। इससे आम जनता पर ही मंहगाई का बोझ बढ़ेगा।
इनकम नहीं सिर्फ मंहगाई बढ़ रही है
मंहगाई को लेकर जनता में रोष है। गृहिणी हर्षिता साहू ने कहा कि आम जनता पर मंहगाई का प्रभाव सबसे ज्यादा होता है। उनकी इनकम सीमित और खर्च ज्यादा होते है। ऐसे में मंहगाई के दौर में निम्न व मध्यम वर्गीय परिवारों की आर्थिक स्थिति बिगड़ती है। जयेश देवांगन ने कहा कि वे निजी सेक्टर में कार्यरत है। जिस प्रकार मंहगाई बढ़ रही है उस हिसाब से इनकम नहीं बढ़ती ऐसे में मंहगाई को झेलना भारी पड़ता है। पेट्रोल डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी का असर सीधे तौर पर आम जनता के जेब पर पड़ता है।
पेट्रोल डीजल के बढ़ते दामो के बीच ईवी की ओर बढ़ा रुझान
कुछ दिन पूर्व प्रदेश भर में पेट्रोल डीजल की किल्लत की खबरो के बीच पेट्रोल पंपो में वाहनों की लंबी कतारे लग गई थी। लोग काफी पैनिक और परेशान रहे। वहीं पेट्रोल डीजल के दामों में हो रही लगातार वृद्धि से अब लोगो का रुझान इलेक्ट्रिक व्हीकल की ओर बढऩे लगा है। इसलिए लोग अब विशेषकर दुपहिया वाहनों की खरीदी ेमें इलेक्ट्रिक व्हीकल को विशेष तवज्जो दे रहे है। ताकि पेट्रोल के बढ़ते दामों किल्लत और मेटनेंस के झंझट से दूर रहे है और पर्यावरण भी सुरक्षित रहे।
