जैतखाम को यथावत रखने की मांग, सतनामी समाज ने नगर पंचायत भखारा को सौंपा ज्ञापन

भखारा। सतनामी समाज द्वारा गुरुवार को नगर पंचायत भखारा के मुख्य नगरपालिका अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जैतखम्भ को उसके वर्तमान स्थान पर यथावत बनाए रखने की मांग की गई। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि जैतखाम सतनामी समाज की आस्था, श्रद्धा और सामाजिक पहचान का प्रतीक है, इसलिए इसे किसी भी स्थिति में हटाया या स्थानांतरित नहीं किया जाना चाहिए।
युवा सतनामी समाज के कोमल संभाकर ने कहा कि यदि किसी निर्माण कार्य अथवा अन्य कारणों से जैतखाम को उसके पारंपरिक स्थान से हटाने का प्रयास किया जाता है, तो इससे समाज की धार्मिक भावनाएं आहत होंगी। समाज ने प्रशासन से मांग की है कि जैतखाम को वर्तमान स्थान पर सुरक्षित रखा जाए तथा इससे संबंधित किसी भी निर्णय से पूर्व समाज के प्रतिनिधियों से चर्चा की जाए।सतनामी समाज ब्लॉक अध्यक्ष तेजेश्वर कुर्रे ने स्पष्ट किया कि समाज की भावनाओं की अनदेखी कर जैतखाम को हटाने अथवा स्थानांतरित करने का प्रयास किया गया तो समाज लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली किसी भी सामाजिक, प्रशासनिक अथवा कानून-व्यवस्था संबंधी परिस्थिति की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
समाजजनों ने प्रशासन से मांग की है कि समाज की आस्था और भावनाओं का सम्मान करते हुए जैतखाम को यथावत उसी स्थान पर बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। इस दौरान डॉ रोहित कुर्रे, परमानंद कुर्रे, रूपेंद्र बघेल, खिलावन बारले जिला सचिव , आदित्य बघेल, मयंक कोसरे, डोमन सोनवानी, डिगेश घृतलहरे, परमानंद कुर्रे, प्रेमलाल सोनी, ज्ञानचंद नावले, राहुल टंडन, मोनू टंडन, खेमराज बघेल, मयंक कोसरे, डोमन सोनवानी, सुनील बघेल लक्की बघेल सहित सामाजिक कार्यकता शामिल रहे।

