जगदलपुर सेंट्रल जेल में बंदी ने रचाई शादी, न्यायालय की अनुमति से हिंदू रीति-रिवाज से संपन्न हुआ विवाह

जेलों की प्रशासनिक और सुरक्षा अखंडता को सख्ती से बनाए रखते हुए जीवन में सुधार लाने के लिए समर्पित हैं- जेल डीजी हिमांशु गुप्ता
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के सेंट्रल जेल, जगदलपुर में शुक्रवार को एक अनूठा और संवेदनशील आयोजन देखने को मिला। जेल में निरुद्ध बंदी सुरेश कुमार सेठिया का विवाह सुश्री खगेश्वरी यादव के साथ न्यायालय की अनुमति के बाद हिंदू रीति-रिवाज, सप्तपदी एवं वैदिक विधि-विधान के अनुसार संपन्न कराया गया। विवाह समारोह जेल परिसर में आयोजित किया गया, जिसमें जेल प्रशासन, दोनों पक्षों के परिजन तथा जेल स्टाफ मौजूद रहे।
जेल महानिदेशक (डीजी जेल) हिमांशु गुप्ता ने बताया कि माननीय न्यायालय से विधिवत अनुमति मिलने के बाद जेल अधीक्षक अक्षय तिवारी के नेतृत्व में संपूर्ण विवाह समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न कराया गया। विवाह के दौरान सभी आवश्यक कानूनी और सुरक्षा व्यवस्थाओं का पालन किया गया।
विवाह उपरांत वर-वधू ने उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों एवं अपने परिजनों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर जेल स्टाफ ने नवविवाहित दंपति को शुभकामनाएं देते हुए उपहार भी भेंट किए।
डीजी जेल हिमांशु गुप्ता ने कहा कि
पुनर्वास और सामाजिक पुनर्गठन छत्तीसगढ़ जेल विभाग के मूल मूल्य बने हुए हैं। जगदलपुर जेल में इस विवाह समारोह को सुगम बनाना प्रत्येक बंदी के संवैधानिक अधिकारों और गरिमा का सम्मान करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। ऐसे कानूनी और सामाजिक दायित्वों का समर्थन करके, हमारा उद्देश्य सकारात्मक व्यक्तिगत परिवर्तन और आशा को प्रोत्साहित करना है। हम अपने संस्थानों की प्रशासनिक और सुरक्षा अखंडता को सख्ती से बनाए रखते हुए जीवन में सुधार लाने के लिए समर्पित हैं।
इस अनूठे विवाह समारोह की चर्चा पूरे क्षेत्र में रही। इसे जेल प्रशासन की मानवीय और सुधारात्मक सोच की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिसमें कानून का पालन करते हुए एक बंदी के वैधानिक एवं सामाजिक अधिकारों का सम्मान किया गया।
