नि:स्वार्थ सेवा में लगी एम्बुलेंस पर हमला बेहद दुखद और मनोबल तोडऩे वाली है – भानू चन्द्राकर
वंदे मातरम समिति ने न्याय की मांग को लेकर किया शांतिपूर्ण संघर्ष का ऐलान

कुरुद। ग्राम उमरदा में सड़क हादसे के बाद उपजे तनाव के दौरान जीवनरक्षक एम्बुलेंस पर हुए हमले और एम्बुलेंस पायलट की पिटाई से क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है। घटना से आहत बोल बम एवं वंदे मातरम समिति ने न्याय की मांग को लेकर शांतिपूर्ण संघर्ष का ऐलान किया है। समिति के अध्यक्ष भानु चंद्राकर ने बताया कि उपद्रवियों द्वारा तोडफ़ोड़ कर क्षतिग्रस्त की गई एम्बुलेंस को उसी स्थिति में पुलिस प्रशासन को सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि वर्षों से नि:स्वार्थ सेवा में लगी समिति के लिए यह घटना बेहद दुखद और मनोबल तोडऩे वाली है। उन्होंने कहा, जिस एम्बुलेंस ने हजारों लोगों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर जीवन बचाने का कार्य किया, उसी एम्बुलेंस को निशाना बनाया गया। यह केवल वाहन पर हमला नहीं, बल्कि जनसेवा और मानवता की भावना पर हमला है। घटना में घायल हुए एम्बुलेंस पायलट राधेश्याम निर्मलकर को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया है। भानु चंद्राकर ने स्पष्ट किया कि क्षतिग्रस्त एम्बुलेंस को फिलहाल सेवा से बाहर रखा जाएगा और न्याय मिलने तक उसका संचालन नहीं किया जाएगा। हालांकि समिति की दूसरी एम्बुलेंस की सेवा पूर्ववत जारी रहेगी ताकि क्षेत्र के जरूरतमंद मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। न्याय की मांग को लेकर बोल बम एवं वंदे मातरम समिति के अध्यक्ष भानु चंद्राकर, एम्बुलेंस पायलट राधेश्याम निर्मलकर, पार्षद कमल शर्मा, महेंद्र गायकवाड़, रवि प्रकाश मानिकपुरी, रूपेश ढीमर आदि ने घटना की निष्पक्ष जांच, दोषियों की पहचान, त्वरित गिरफ्तारी तथा जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
