सेवा संकल्प अभियान: दरगहन में बाढ़ के बीच तत्पर रहा प्रशासन, 70 लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू
डीडीआरएफ और नगर सेना की टीम ने संभाला मोर्चा, प्रभावितों के लिए राहत शिविरों में भोजन, स्वास्थ्य जांच और पेयजल की व्यवस्था

अपर कलेक्टर ने रात में राहत शिविर पहुंचकर लिया व्यवस्थाओं का जायजा
घर-घर हो रहा नुकसान का सर्वे, आरबीसी 6(4) के तहत पात्र प्रभावितों को मिलेगी आर्थिक सहायता
धमतरी- जिले में लगातार हुई भारी बारिश के कारण उत्पन्न आपदा की स्थिति के बीच जिला प्रशासन ने तत्परता और समन्वय के साथ राहत एवं बचाव कार्य संचालित किया। तहसील कुकरेल के ग्राम दरगहन में अचानक बाढ़ की स्थिति निर्मित होने पर गांव में फंसे लगभग 60 से 70 लोगों को डीडीआरएफ और नगर सेना की टीम ने रेस्क्यू अभियान चलाकर सुरक्षित बाहर निकाला। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही उनके ठहरने, भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य परीक्षण सहित आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
बाढ़ की सूचना मिलते ही प्रशासन, राजस्व, पुलिस, नगर सेना और स्वास्थ्य विभाग का अमला सक्रिय हुआ। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) नगरी श्रीमती प्रीति दुर्गम, डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी राहत शाखा बी. एक्का, जिला सेनानी श्रीमती शोभा ठाकुर के नेतृत्व में डीडीआरएफ एवं नगर सेना की टीम ने राहत एवं बचाव अभियान संचालित किया। इस दौरान एसडीओपी भानु चंद्राकार, तहसीलदार सुश्री ख्याति कंवर, नायब तहसीलदार लोकेश साव सहित राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे।
सलोनी में राहत शिविर, प्रभावितों की स्वास्थ्य जांच
रेस्क्यू किए गए प्रभावितों के लिए साहू सामुदायिक भवन सलोनी में अस्थायी राहत शिविर बनाया गया, जहां लगभग 50 से 60 लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शिविर में पहुंचकर प्रभावितों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। प्रशासन एवं पंचायत द्वारा भोजन, स्वच्छ पेयजल तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
अपर कलेक्टर श्रीमती इंदिरा नवीन सिंह ने रात लगभग 10 बजे राहत शिविर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने राजस्व, पंचायत एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि राहत शिविर में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं भोजन सहित सभी मूलभूत आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जाए।
सुरक्षा की दृष्टि से प्रभावित ग्राम दरगहन में एहतियातन विद्युत आपूर्ति बंद कराई गई। साथ ही गांव में स्वास्थ्य परीक्षण कराने, कोटवार के माध्यम से नियमित मुनादी कर लोगों को सतर्क रखने तथा प्रभावित परिवारों के लिए नाश्ता, भोजन एवं पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
समझाइश के बाद खुला मार्ग, राहत कार्य रहे जारी
26 सितंबर की सुबह ग्राम सीमा पर कुछ ग्रामीणों द्वारा सड़क पर पेड़ रखकर सर्वे दल एवं अन्य लोगों का प्रवेश रोक दिया गया था। सूचना मिलने पर डिप्टी कलेक्टर श्री मुकेश बजाज पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर उन्हें समझाइश दी, जिसके बाद मार्ग खोल दिया गया और राहत एवं सर्वे कार्य पुनः सुचारु रूप से प्रारंभ हुआ।
इसके बाद प्रशासन एवं पंचायत की टीम ने गांव में विद्युत व्यवस्था बहाल कराने के साथ स्वास्थ्य परीक्षण, पेयजल, नाश्ता तथा दोपहर एवं रात्रि भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित की। ग्राम दरगहन के साहू सदन भवन को भी अस्थायी राहत शिविर के रूप में उपयोग किया जा रहा है, जहां लगभग 15 से 20 प्रभावित लोग ठहरे हुए हैं। प्रभावित परिवारों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन और पंचायत द्वारा राहत व्यवस्थाएं निरंतर संचालित की जा रही हैं।
घर-घर पहुंच रही सर्वे टीम, नुकसान का हो रहा आकलन
बाढ़ से प्रभावित परिवारों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने के लिए नुकसान का विस्तृत सर्वे भी शुरू कर दिया गया है। कलेक्टर ने राजस्व अमले को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित परिवारों के आरबीसी 6(4) के प्रकरण प्राथमिकता के साथ तैयार किए जाएं, ताकि पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार आर्थिक सहायता शीघ्र उपलब्ध कराई जा सके।
कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व निरीक्षक, पटवारी एवं कोटवार सहित सर्वे दल प्रभावित परिवारों के घर-घर पहुंचकर मकान, घरेलू सामग्री एवं अन्य क्षति का आकलन कर रहा है। सर्वे एवं आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र प्रभावितों को राजस्व पुस्तक परिपत्र 6(4) के प्रावधानों के अनुसार सहायता प्रदान की जाएगी।
जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। मैदानी अमले को सतर्क रहने तथा प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सहायता समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने ग्रामीणों से भी अपील की है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों, नदी-नालों और तेज बहाव वाले स्थानों से दूरी बनाए रखें तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।