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बाढ़ से निपटने की तैयारी पूरी : जिले के 82 गांवो पर खतरा, 19 गांव सबसे अधिक संवेदनशील

बाढ़ नियंत्रण कंट्रोल रुम सक्रिय, नगर सेना व प्रशासन अलर्ट, राहत और बचाव कार्य के लिए व्यापक इंतजाम


धमतरी. मानूसन के सक्रिय होने के साथ ही धमतरी जिला प्रशासन से संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली है। जिले के 82 गांवो को बाढ़ संभावित क्षेत्रो के रुप में चिंहित किया गया है। जिनमें 19 गांव अत्याधिक संवेदनशील माने गये है। इन गांवो का बारिश के 4 महीने तक सम्पर्क प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसलिए प्रशासन ने पहले से ही राहत एवं बचाव की रणनीति तैयार कर ली है।
प्रशासन ने संवेदनशील गांवों में राशन, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्री का भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही नगर सेना (होमगार्ड) की टीम को भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रखा गया है। 1 जून से जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) भी लगातार संचालित किया जा रहा है, जहां से हालात पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान नदी-नालों के पास जाने से बचें, जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही न करें तथा किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तत्काल जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष या स्थानीय प्रशासन को दें।
महानदी सहित कई नदियों के किनारे बसे गांवों पर विशेष नजर
जिले में महानदी, पैरी, सोंढूर, बालका सहित अन्य नदियों के किनारे बसे गांवों में हर वर्ष बाढ़ का खतरा बना रहता है। इनमें से कई गांवों का संपर्क तेज बारिश के दौरान टूट जाता है। ऐसे क्षेत्रों के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था की गई है और संबंधित विभागों को लगातार सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
बारिश के संकेत, प्रशासन सतर्क
मौसम में बदलाव के साथ आसमान में बादल छाए हुए हैं और अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश की संभावना जताई जा रही है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखा है। राहत एवं बचाव कार्यों में उपयोग होने वाली नाव, लाइफ जैकेट, रस्सियां और अन्य उपकरणों को भी तैयार रखा गया है।
इन 19 गांवों पर सबसे अधिक खतरा
प्रशासन के अनुसार जिन 19 गांवों का बाढ़ के दौरान संपर्क सबसे पहले प्रभावित होता है, उन्हें विशेष श्रेणी में रखा गया है। इन गांवों में पूर्व तैयारी के तहत आवश्यक वस्तुओं का भंडारण, स्वास्थ्य सुविधाएं और राहत व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

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