नशे के सौदागरों की काली कमाई पर कानून का शिंकजा, 35.85 लाख रुपये की संपत्ति फ्रीज
मुंबई की सफेमा कोर्ट ने जारी किया अवैध सम्पत्ति फ्रिज करने का आदेश

धमतरी। जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ धमतरी पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी आर्थिक कार्रवाई करते हुए मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित 35 लाख 85 हजार 116 रुपए मूल्य की चल-अचल संपत्तियों को फ्रीज कराया है। मुंबई स्थित सक्षम प्राधिकारी SAFEMA/NDPSA कोर्ट ने 23 जुलाई 2026 को फ्रीजिंग आदेश की पुष्टि कर दी है।
पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज के निर्देशन एवं पुलिस अधीक्षक भावना शुक्ला धमतरी के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस अब केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि नशे के कारोबार से अर्जित अवैध संपत्तियों पर भी सीधा आर्थिक प्रहार कर रही है। नगर पुलिस अधीक्षक धमतरी अभिषेक चतुर्वेदी एवं थाना सिटी कोतवाली की जांच में आरोपियों के बैंक खाते, फिक्स्ड डिपॉजिट, बीमा योजनाएं, वाहन तथा अचल संपत्तियों में किए गए निवेश का वित्तीय विश्लेषण किया गया। इसके बाद NDPS Act, 1985 की धारा 68F के तहत संपत्तियों को फ्रीज कर प्रकरण सक्षम प्राधिकारी SAFEMA/NDPSA, मुंबई के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
पहले प्रकरण में आरोपी आरती रजक से संबंधित बैंक खातों एवं निवेश सहित 12 लाख 93 हजार 636 रुपए की संपत्ति फ्रीज की गई। वहीं दूसरे प्रकरण में आरोपी करण सिंह धुरी, उसकी पत्नी उषा बाई धुरी एवं पुत्री जाइका धुरी से संबंधित बैंक खातों, वाहन और अचल संपत्तियों सहित 22 लाख 91 हजार 479 रुपए की संपत्ति फ्रीज की गई। सुनवाई के दौरान संबंधित पक्ष संपत्तियों के वैध आय स्रोत के संबंध में संतोषजनक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। उपलब्ध साक्ष्यों एवं अभिलेखों के आधार पर सक्षम प्राधिकारी ने धमतरी पुलिस की फ्रीजिंग कार्रवाई को वैध ठहराते हुए आदेश की पुष्टि कर दी।
आरोपियों के खिलाफ कई प्रकरण दर्ज होने पर की गई बड़ी कार्रवाई
धमतरी पुलिस के अनुसार संबंधित आरोपियों के विरुद्ध पहले से NDPS Act के तहत अपराध दर्ज हैं तथा उनके खिलाफ PITNDPS Act के तहत भी वैधानिक कार्रवाई की जा चुकी है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में नशे के कारोबारियों के खिलाफ केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि उनकी अवैध कमाई और संपत्तियों पर भी कठोर आर्थिक कार्रवाई जारी रहेगी। धमतरी पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मादक पदार्थों की बिक्री, परिवहन, संग्रहण या अन्य अवैध गतिविधियों की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।