गुरु का सम्मान ही भारतीय संस्कृति की पहचान, गुरु के ज्ञान, संस्कार और आशीर्वाद से बनता है श्रेष्ठ व्यक्तित्व एवं सशक्त राष्ट्र – पं. राजेश शर्मा
गुरु पूर्णिमा पर पं. राजेश शर्मा ने दी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ, कहा- गुरु जीवन को सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक

धमतरी। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर भाजपा प्रदेश कार्यसमिति स्थायी आमंत्रित सदस्य पं. राजेश शर्मा ने समस्त प्रदेशवासियों एवं जिलेवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई प्रेषित की। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है। गुरु केवल शिक्षा प्रदान करने वाले व्यक्ति नहीं होते, बल्कि वे जीवन को सही दिशा, संस्कार, आत्मविश्वास और सफलता का मार्ग दिखाने वाले सच्चे मार्गदर्शक होते हैं। पं. राजेश शर्मा ने कहा कि गुरु के सान्निध्य और आशीर्वाद से ही व्यक्ति के व्यक्तित्व का निर्माण होता है तथा समाज और राष्ट्र की प्रगति का मार्ग प्रशस्त होता है। गुरु पूर्णिमा हमारी सनातन परंपरा का एक महान आध्यात्मिक पर्व है, जो हमें अपने गुरुजनों के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि महर्षि वेदव्यास जी की जयंती के रूप में मनाया जाने वाला गुरु पूर्णिमा पर्व भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है। पं. राजेश शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, संस्कारों और भारतीय संस्कृति से जोडऩा अत्यंत आवश्यक है। गुरु ही वह शक्ति हैं, जो अज्ञान के अंधकार को दूर कर व्यक्ति को सत्य, सेवा, समर्पण और राष्ट्रभक्ति के मार्ग पर आगे बढ़ाते हैं।
