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सोंढूर से नियंत्रित जल निकासी, दुधावा एवं गंगरेल जलाशयों में क्रमबद्ध जल प्रबंधन

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की

धमतरी- धमतरी जिले में लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण सोंढूर, दुधावा एवं गंगरेल जलाशयों के कैचमेंट क्षेत्रों में जल की आवक तेजी से बढ़ रही है। जलाशयों के सुरक्षित संचालन, बाढ़ प्रबंधन तथा जल स्तर को सुरक्षित सीमा में बनाए रखने के उद्देश्य से जल संसाधन विभाग द्वारा सुनियोजित एवं नियंत्रित जल प्रबंधन किया जा रहा है।
वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सोंढूर जलाशय से कैनाल के माध्यम से नियंत्रित रूप से पानी दुधावा जलाशय की ओर छोड़ा जा रहा है। साथ ही जल आवक में निरंतर वृद्धि को ध्यान में रखते हुए सोंढूर से दुधावा तथा दुधावा से गंगरेल जलाशय की ओर क्रमबद्ध रूप से जल का स्थानांतरण (ट्रांसफर) किया जा रहा है, ताकि तीनों जलाशयों का संचालन सुरक्षित एजल संसाधन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान में दुधावा जलाशय अपनी कुल क्षमता के 81.14 प्रतिशत पर है, जहां 4,440 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई है। सोंढूर जलाशय 75.02 प्रतिशत क्षमता पर है, जहां 2,205 क्यूसेक जल की आवक हो रही है। वहीं गंगरेल जलाशय 50.04 प्रतिशत क्षमता पर है तथा इसमें 6,261 क्यूसेक जल की आवक दर्ज की जा रही है। विभागीय अधिकारी जलाशयों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखते हुए आवश्यकतानुसार जल निकासी एवं जल प्रबंधन का नियमन कर रहे हैं।
इधर सोंढूर जलाशय के कैचमेंट क्षेत्र में लगातार वर्षा होने से वर्तमान में जलाशय में 15,256 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है, जिसमें लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। इस स्थिति को देखते हुए उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार सोंढूर बांध से सोंढूर नदी में 5,000 क्यूसेक पानी नियंत्रित रूप से छोड़ा जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर इस जल निकासी की मात्रा बढ़ाई भी जा सकती है। इसके मद्देनज़र सोंढूर नदी के किनारे बसे क्षेत्रों के लिए अलर्ट जारी कर दिया गया है।
इसी प्रकार दुधावा जलाशय में वर्तमान में 7,454 क्यूसेक पानी की आवक होने के कारण वहां से 3,000 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है, जो आगे गंगरेल जलाशय में पहुंचेगा। जल संसाधन विभाग द्वारा पूरी स्थिति पर सतत निगरानी रखते हुए सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाए जा रहे हैं।
जल संसाधन विभाग से प्राप्त नवीनतम जानकारी के अनुसार आज दोपहर 2 बजे गंगरेल (रविशंकर सागर) जलाशय का जलस्तर 344.12 मीटर दर्ज किया गया। वर्तमान में जलाशय में 12,522 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है, जबकि 150 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। जलाशय अपनी कुल भंडारण क्षमता के 50.86 प्रतिशत तक भर चुका है। लगातार बढ़ रही जल आवक को देखते हुए विभाग द्वारा जलाशय की स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है तथा आवश्यकता पड़ने पर जल निकासी को चरणबद्ध एवं नियंत्रित रूप से बढ़ाया जा सकता है।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने जलाशयों, नदी-नालों एवं जल प्रवाह वाले क्षेत्रों के आसपास निवासरत नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि कोई भी व्यक्ति तेज बहाव वाले पानी को पार करने का प्रयास न करे तथा जलाशयों एवं नदी-नालों के किनारे अनावश्यक आवाजाही से बचें। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों तथा पशुपालकों से अपने मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर रखने का आग्रह किया है।
कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करें तथा केवल जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं का ही पालन करें। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति अथवा असामान्य जल प्रवाह की जानकारी तत्काल जिला आपातकालीन नियंत्रण कक्ष अथवा स्थानीय प्रशासन को दें, ताकि समय पर आवश्यक राहत एवं सुरक्षा संबंधी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में जलाशयों का संचालन पूरी सतर्कता, तकनीकी मानकों एवं सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुरूप किया जा रहा है तथा आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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