ज्ञान अमृत इंग्लिश स्कूल में श्रद्धा, भक्ति एवं भारतीय संस्कृति की गरिमा के अनुकूल मनाया गया गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व
भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान ईश्वर के समान माना गया है - विनोद पाण्डेय

धमतरी। ज्ञान अमृत इंग्लिश स्कूल धमतरी में गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व अत्यंत श्रद्धा भक्ति एवं भारतीय संस्कृति की गरिमा के अनुकूल हर्षौल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्वान आचार्य पंडित प्रशांत शर्मा द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि विधान से महर्षि वेदव्यास एवं जगतगुरु आदि शंकराचार्य के पूजन अर्चन के साथ संपन्न हुआ। तत्पश्चात विद्यालय के छात्र छात्राओं ने भारतीय संस्कृति की अनुपम गुरु शिष्य परंपरा का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों के चरण श्रद्धा पूर्वक पखारे, स्वच्छ वस्त्र से चरण पोछे ,तिलक लगाया, नारियल एवं पुष्पगुच्छ भेंटकर आरती उतारी तथा गुरुजनों से आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद सभी छात्राओं ने बारी बारी से अपने समस्त शिक्षकों को सादर प्रणाम कर उनका आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य विनोद कुमार पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा कि गुरु केवल शिक्षा देने वाला शिक्षक नहीं,बल्कि व्यक्तित्व निर्माण के शिल्पकार, संस्कारों के संवाहक एवं जीवन के सच्चे प्रदर्शक होते हैं। भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान ईश्वर के समान माना गया है। विद्यार्थियों को सदैव अपने गुरुजनों का सम्मान करते हुए उनके आदर्शों एवं शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में समस्त गुरुजनों ने विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य, उत्तम चरित्र अनुशासित जीवन एवं राष्ट्र सेवा की भावना के साथ आगे बढऩे का आशीर्वाद दिया विद्यालय परिवार ने इस अवसर पर भारतीय संस्कृति गुरु सम्मान एवं नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का संकल्प भी दोहराया।
