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धमतरी में बनेगी (RWDD) ड्रेनेज व्यवस्था, रिसाई पारा, बनिया पारा का वर्षा जल होगा रामसागर तालाब में डायवर्ट

पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा तथा भू-जल संवर्धन में भी मदद मिलेगी- रामू रोहरा

धमतरी। शहर में हर वर्ष बारिश के दौरान जलभराव की समस्या से लोगों को राहत दिलाने के लिए नगर निगम आधुनिक तकनीक पर आधारित अंडरग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने की तैयारी में है। अब केवल आमापारा की तर्ज पर पाइपलाइन बिछाने तक सीमित नहीं रह जाएगा, बल्कि (RWDD) वर्षा जल निकासी की नई व्यवस्था विकसित की जाएगी। इस प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि वर्षा जल और सीवरेज का पानी पूरी तरह अलग-अलग रहेगा, जिससे तालाबों में गंदे पानी का प्रवाह नहीं होगा और जल स्रोत भी सुरक्षित रहेंगे।
उल्लेखनीय ही की आमापारा क्षेत्र में बरसाती पानी की निकासी के लिए मकई तालाब तक अंडरग्राउंड पाइपलाइन बिछाई गई थी। इस योजना में जो कमी या परिणाम सामने आए हैं। भारी बारिश के दौरान भी पानी की निकासी पहले की तुलना में बेहतर हुई है। आमापारा सिस्टम में कुछ गलतियां हुई थी, इस ओर कुछ जागरूक लोगों ने महापौर और निगम का ध्यान आकृष्ट कराया था,जिससे सीख लेते हुए अब और अधिक उन्नत तकनीक के साथ शहर के अन्य जलभराव वाले क्षेत्रों में यह पैटर्न लागू किया जाएगा।
महापौर ने बताया कि प्रथम चरण में रिसाईपारा पूर्व से विमल टॉकीज रोड तक इस पैटर्न पर अंडरग्राउंड पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इस पाइपलाइन के माध्यम से वर्षा का पानी सीधे रामसागर तालाब तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए लगभग 25 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार कर शासन को स्वीकृति के लिए भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद शीघ्र ही कार्य प्रारंभ कराया जाएगा।
महापौर रामू रोहरा ने कहा कि वर्तमान में कई स्थानों पर वर्षा जल और सीवरेज का पानी एक साथ बहने के कारण न केवल जलभराव की समस्या बढ़ती है, बल्कि तालाबों का पानी भी प्रदूषित होता है। नई प्रणाली लागू होने के बाद वर्षा जल अलग पाइपलाइन से निकलेगा, जबकि सीवरेज का पानी अलग व्यवस्था से एसटीपी प्लांट में जाएगा। इससे शहर के तालाब स्वच्छ बने रहेंगे, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा तथा भू-जल संवर्धन में भी मदद मिलेगी।उन्होंने कहा कि नगर निगम शहर के विभिन्न जलभराव वाले क्षेत्रों का सर्वे कर रहा है। भविष्य में आवश्यकता के अनुसार अन्य वार्डों में भी इसी तकनीक पर आधारित अंडरग्राउंड वर्षा जल निकासी प्रणाली विकसित की जाएगी, ताकि बारिश के समय सड़कों पर पानी भरने की समस्या समाप्त हो सके और नागरिकों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
महापौर ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार आधुनिक एवं टिकाऊ शहरी अधोसंरचना के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। नगर निगम भी उसी दिशा में कार्य करते हुए धमतरी को बेहतर जल निकासी व्यवस्था, स्वच्छ तालाबों और पर्यावरण-अनुकूल शहर के रूप में विकसित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस परियोजना के पूरा होने से शहरवासियों को जलभराव की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी और धमतरी की ड्रेनेज व्यवस्था आने वाले वर्षों की जरूरतों के अनुरूप मजबूत होगी। पार्षदों ने महापौर से मांग की थी कि बरसाती पानी की निकासी के लिए ऐसी व्यवस्था की जाए ताकि सीवरेज का पानी तालाबों में न जा सके।

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