स्मार्ट मीटर के नाम पर आम जनता का हो रहा आर्थिक शोषण
छत्तीसगढ़ किसान यूनियन ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप कर की स्मार्ट मीटर योजना वापस लेने की मांग

धमतरी। छत्तीसगढ़ किसान यूनियन की अगुवाई में मंगलवार को जिला कार्यालय पहुंचे किसानों ने बताया कि सामान्य मीटर जो लगा हुआ था उसे निकालकर आम जनता को सूचना दिये बगैर स्मार्ट मीटर लगाया गया है। जो कि बिजली उपयोग के नाम पर जी का जंजाल बन गया है। पहले तक 100 से 500 तक बिजली बिल आता था। लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद 1000 से 3000 रुपये तक बिजली बिल आ रहा है। जिसके कारण किसान, मजदूर व आम जनता काफी परेशान है। बिजली बिल के नाम पर लोगों को लूटने का काम और आर्थिक शोषण किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ किसान यूनियन का कहना है कि महंगाई के दौर में पहले से ही जीवनयापन करना काफी मुश्किल हो गया है। ऊपर से बेतहाशा बिजली बिल ने आम जनता की परेशानी और बढ़ा दी है। किसान यूनियन की मांग है कि बिजली की बढ़ी हुई दरें तत्काल वापस ली जाये। स्मार्ट मीटर योजना वापस लिया जाये। 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना पुन: प्रारंभ किया जाये तथा वर्षा से प्रभावित किसानों को फसल क्षतिपूर्ति राशि दिया जाये। उक्त मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष घनाराम साहू, रामनिहोरा निषाद, रघुनाथ साहू, सुदर्शन ठाकुर, गीताराम साहू, टेमनलाल, जितेन्द्र कुमार, महिपाल साहू, ममता रानी, जितेन्द्र पटेल सहित अन्य किसान पहुंचे थे।

