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1961 में खुला था रुद्री पॉलीटेक्निक कॉलेज उसके बाद 64 सालों में नहीं खुल पाया एक भी मेडिकल इंजीनियरिंग कॉलेज

होनहार छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए जाना पड़ता है जिले से बाहर

शिक्षा के क्षेत्र में दशकों से पिछड़ा हुआ है धमतरी जिला, राजनीतिक इच्छा शक्ति की रही कमी

धमतरी। धमतरी जिले विकास के साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी पिछड़ा माना जाता है। यहां अनेक होनहार छात्र-छात्राएं हुए जिन्होंने कई अहम पदो पर पहुंचकर अपना और जिले का नाम रोशन किया। ऐसे में यदि छात्र-छात्राओं को बेहतर सुविधायें प्रदान की जाये तो वे और भी अच्छा प्रदर्शन कर सकते है। लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि धमतरी में पिछले 64 सालों से एक भी इंजीनियरिंग या मेडिकल कॉलेज नहीं खुल पाया। सरकार के साथ ही निजी सेक्टरों ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया। 1961 में रुद्री में बीआरपी पॉलीटेक्निक कॉलेज खुला इसके बाद से यहां हजारों होनहार इंजीनियर्स निकले। दशकों से रुद्री पॉलीटेक्निक कॉलेज इंजीनियरिंग कॉलेज में अपग्रेड करने की मांग होती रही है, लेकिन यह अब तक पूरी नहीं हो पाई है। वही मेडिकल कॉलेज की मांग भी उठती रही है इस ओर भी ध्यान नहीं दिया गया।
जिले में हर साल हजारों छात्र-छात्रायें 12वीं परीक्षा अच्छे नम्बरो से उत्तीर्ण करते है। फिर इंजीनियर्स डाक्टर्स बनने हेतु मेडिकल व इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिल लेते है। इसके लिए छात्रों को जिले से बाहर जाना पड़ता है। कई बार गरीब मध्यम वर्ग के होनहार छात्र पढ़ाई और बाहर रहने दोनो का खर्च वहन नहीं कर पाते और तंगी के कारण पढ़ाई नहीं कर पाते।
घोषनाओं तक रहे सीमित
धमतरी शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़़ा है इसका बड़ा कारण राजनीतिक इच्छा शक्ति की कमी को माना जाता है। दरअसल लगभग हर विस लोकसभा चुनाव में धमतरी में मेडिकल इंजीनियरिंग कॉलेज खुलवाने का वादा किया गया लेकिन चुनाव जीतने के बाद वादे और दावें खोखले साबित हुए। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी इस दिशा में सार्थक प्रयास नहीं किये। नतीजन आज तक जिले में शिक्षा संस्थानों की कमी बनी हुई है।

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