Uncategorized

कुरूद में हर्षोल्लास से मनाई गई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, निकाली गई भव्य शोभायात्रा

जन्माष्टमी केवल एक उत्सव नहीं है, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेरणा लेने का पर्व है - ज्योति चंद्राकर


कुरुद। जन्माष्टमी पर्व पर सुबह से देर रात तक नगर में आस्था, उल्लास और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंदिरों में घंटियों की गूंज, घर-घर में उपवास और पूजा-अर्चना तो शाम होते ही वार्ड-वार्ड में दही-हांडी, मटकी फोड़ और भजन-कीर्तनों की धूम ने पूरे माहौल को कृष्णमय बना दिया। नगर में जन्माष्टमी का मुख्य आकर्षण सिरसा चौक में रहा, जहां युवा एकता गणेशोत्सव समिति द्वारा शोभायात्रा निकाली गई। भगवान श्रीकृष्ण की सुसज्जित झांकी, ढोल-नगाड़ों की थाप, भजनों पर थिरकते युवा और नंद घर आनंद भयो के जयकारों के बीच शोभायात्रा जैसे ही आगे बढ़ी, पूरा नगर भक्ति रस में सराबोर हो गया। शोभायात्रा में नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति चंद्राकर, विधायक प्रतिनिधि एवं एल्डरमेन भानु चंद्राकर तथा वार्ड पार्षद उत्तम साहू विशेष रूप से शामिल हुए। दिनभर कुरूद के राधा-कृष्ण मंदिर, प्राचीन राम मंदिर और श्याम बाबा मंदिर सहित सभी देवालयों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भजन-कीर्तन मंडलियों द्वारा कृष्ण भजनों की प्रस्तुति दी गई। रात्रि 12 बजे जैसे ही भगवान के जन्म का क्षण आया, मंदिरों में शंखनाद और सोहर गीतों के साथ जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। यदुवंशी समाज के लोगों ने रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में उत्सव को और भी आकर्षक बना दिया। वहीं नगर के विभिन्न वार्डों में युवाओं की टोलियों द्वारा दही हांडी और मटकी फोड़ कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति चंद्राकर ने कहा कि जन्माष्टमी केवल एक उत्सव नहीं है, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके प्रेम, त्याग और कर्मयोग से प्रेरणा लेने का पर्व है।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!