बारिश थमने से चढ़ा तापमान, उमस-गर्मी से बेचैनी, सर्दी-खांसी और बुखार के बढ़े मरीज
बारिश के मौसम में बदलता तापमान बढ़ा रहा बीमारी का खतरा : बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग हो रहे जल्दी बीमार

धमतरी। बारिश के मौसम में लगातार बदल रहे तापमान और वातावरण में बढ़ी नमी और उमस का असर अब लोगों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। कभी बारिश के बाद मौसम ठंडा होने से हल्की ठंड महसूस होती है तो कभी बारिश थमते ही तेज उमस और गर्मी लोगों को परेशान करने लगती है। मौसम में हो रहे इस उतार-चढ़ाव के बीच सर्दी, खांसी, बुखार, गले में खराश और वायरल संक्रमण जैसी मौसमी बीमारियों की शिकायतें बढ़ती नजर आ रही हैं। बड़ी संख्या में लोग इन समस्याओं को लेकर अस्पताल और निजी क्लीनिकों में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
मौसम का बदलाव शरीर पर डाल रहा असर
बारिश के दौरान वातावरण में नमी बढ़ जाती है। वहीं बारिश रुकने के बाद धूप निकलने और तापमान बढऩे से उमस का असर महसूस होता है। लगातार बदलते मौसम के कारण शरीर को तापमान के अनुरूप ढलने में परेशानी होती है। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों के जल्दी बीमार पडऩे की आशंका अधिक रहती है। इन दिनों कई लोगों में नाक बहना, छींक आना, गले में खराश, खांसी, सिरदर्द, बदन दर्द और हल्के से तेज बुखार जैसे लक्षण देखने को मिल रहे हैं। कुछ लोगों में मौसम बदलने के साथ एलर्जी और सांस संबंधी परेशानी भी बढ़ रही है।
अस्पतालों में बढ़ रही मरीजों की संख्या
मौसमी बीमारियों के बढऩे के साथ अस्पतालों की ओपीडी में भी मरीजों की संख्या बढऩे की स्थिति सामने आ रही है। खासकर सर्दी-खांसी और बुखार की शिकायत लेकर लोग चिकित्सकों के पास पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों द्वारा मरीजों को पर्याप्त आराम करने, पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करने तथा बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाइयां नहीं लेने की सलाह दी जा रही है।
बच्चों और बुजुर्गों का रखें विशेष ध्यान
बारिश के मौसम में बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बच्चों को बारिश में भीगने के बाद लंबे समय तक गीले कपड़ों में नहीं रहने देना चाहिए। घर के आसपास पानी जमा नहीं होने देना चाहिए और पीने के लिए साफ एवं सुरक्षित पानी का इस्तेमाल करना चाहिए। वहीं बुजुर्गों तथा पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों को मौसम में अचानक बदलाव के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
खान-पान और स्वच्छता पर दें ध्यान
मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए साफ-सफाई और खान-पान पर ध्यान देना जरूरी है। बाहर खुले में रखे खाद्य पदार्थों से बचने, ताजा और गर्म भोजन करने तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी जाती है। हाथों की नियमित सफाई और घर के आसपास स्वच्छता बनाए रखना भी संक्रमण से बचाव में महत्वपूर्ण है।
