सकंरे घने रास्तों के साथ ही बढ़ती ई-रिक्शा व अन्य वाहनों से बढ़ती जा रही यातायात जाम की समस्या
साल दर बढ़ती जा रही आबादी, वाहनों की संख्या, दुकाने, व्यापार लेकिन दशकों पुरानी संकरी सड़के और सीमित यातायात सुविधाओं से बढ़ती जा रही परेशानी
त्यौहारी सीजन, धार्मिक, सांस्कृतिक आयोजन, जुलुस, रैली आदि के दौरान यातायात के दौडऩे के बजाय रेंगना भी हो जाता है मुश्किल

धमतरी। धमतरी शहर में समय के साथ विकास हुआ अनेक योजनाएं फलीभूत हुई। लोगों की आबादी सुख-सुविधायें बढ़ी लेकिन पिछले कई दशकों में शहर की भीतरी सड़क सुविधाओं में किसी प्रकार की विकास या सुधार नहीं हो पाया नतीजन अब यह समस्या नासूर बन गई है। मवेशी भी यातायात जाम का कारण बनती है। लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी बढ़ती ई-रिक्शा व वाहनों की संख्या को लोग मान रहे है। धमतरी में लगभग 2 हजार ई-रिक्शा होने का अनुमान है। जो हरपल शहर में दौड़ती रहती है इससे रोजगार का अच्छा अवसर तो मिला है, लेकिन यातायात समस्या का कारण भी बन रहा है। विशेषकर त्यौहारी सीजन रैली, जुलुस धार्मिक, सांस्कृतिक आयोजन के अवसर पर समस्या और विकराल हो जाती है।
इन क्षेत्रो में समस्या हो रही गंभीर
शहर में सबसे ज्यादा मठमंदिर चौक, आमापारा से बालक चौक मार्ग देवश्री टॉकिज से मठमंदिर चौक तक चमेली चौक और गोल सहित सम्पूर्ण सदर मार्ग में दिन भी कई बार जाम की स्थिति बनती रहती है। जब से ई-रिक्शा मार्केट में आई है यह समस्या और बढ़ी है। धमतरी शहर के भीतरी सड़के काफी सकंरी है यहां सड़क किनारे अनेक दुकाने स्थित है। आबादी भी लगातार बढ़ी है। व्यापार बढ़ा है। साल दर साल वाहनों की संख्या बढ़ी है, लेकिन भीतरी सड़क सुविधाओं का विस्तार नहीं हो पाया। सदर मार्ग आमापारा देवश्री टॉकीज रोड़ शिव चौक रोड सहित कुछ अन्य सड़को पर यातायात का दबाव बढ़ता जा रहा है। संकरी सड़को पर बढ़ती वाहनों की संख्या इसका मुख्य कारण है। इसलिए यातायात पुलिस भी ज्यादा कुछ कर नहीं पाती है हा लेकिन विभाग द्वारा पूरा प्रयास भी नहीें हो रहा है। सड़क किनारे गाडिय़ां पार्क रहती है दुकानों के बोर्ड, सामान बाहर तक रखे जाते है। इसके कारण भी यातायात बाधित होता है। आवारा मवेशी, चार पहिया वाहन प्रवेश कर जाये तो उसके पीछे वाहनों का रेला लग जाता है। और सामने से बड़ी वाहन आ जाये तो फिर जाम की स्थिति स्वाभाविक हो जाती है।