धमतरी जिले के सभी बांध लबालब: गंगरेल बांध के सभी 14 गेटो से छोड़ा जा रहा है 2.51 लाख क्यूसेक पानी
जिला प्रशासन ने महानदी किनारे बसे गांवों में जारी किया अलर्ट, नदी-नालों से दूर रहने की अपील

धमतरी। जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते प्रमुख जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। बांधों में लगातार बढ़ रही पानी की आवक को देखते हुए प्रशासन ने जल निकासी बढ़ा दी है। शाम 6 बजे जारी जलभराव की स्थिति के अनुसार गंगरेल, दुधावा और मुरूमसिल्ली जलाशय लगभग पूरी क्षमता तक भर चुके हैं, जबकि सोढ़ुर जलाशय भी तेजी से भर रहा है।
सबसे अधिक जल निकासी गंगरेल बांध से की जा रही है। यहां से 2.51 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे महानदी में जलस्तर बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने महानदी के किनारे बसे सभी गांवों में अलर्ट जारी कर लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
बांधों की जलभराव स्थिति
गंगरेल जलाशय: 96.54 प्रतिशत, आवक 1,77,006 क्यूसेक
मुरूमसिल्ली जलाशय: 99.10 प्रतिशत, आवक 15,207 क्यूसेक
दुधावा जलाशय: 100 प्रतिशत, आवक 44,595 क्यूसेक
सोढ़ुर जलाशय: 87.74 प्रतिशत, आवक 28,726 क्यूसेक
जल निकासी बढ़ाई गई
प्रशासन के अनुसार आगामी वर्षा और लगातार बढ़ रही पानी की आवक को देखते हुए बांधों का जलस्तर नियंत्रित रखने के लिए पानी छोड़ा जा रहा है।
गंगरेल बांध: 2,51,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसमें से 4,000 क्यूसेक रुद्री बैराज से नहर में तथा 2,47,000 क्यूसेक महानदी में प्रवाहित किया जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर इसे और बढ़ाया जा सकता है।
सोढ़ुर जलाशय: 27,024 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है।
दुधावा जलाशय: 25,492 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है।
मुरूमसिल्ली जलाशय: 11,472 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है।
बाढ़ की आशंका, प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि नदी में बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने से बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है। इसलिए महानदी के किनारे बसे गांवों के लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।