धमतरी में भक्ति की अविरल धारा, रात 3 बजे तक गुरुदेव के भजनों में डूबे रहे श्रद्धालु
विजय शांति सुरीश्वर गुरुदेव की 83वीं स्वर्गारोहण जयंती पर शांति वाटिका में भव्य आयोजन, सात क्षेत्रों से पहुंचे भक्तों ने भजन संध्या में लिया आध्यात्मिक आनंद

धमतरी। धर्मनगरी धमतरी में योगीराज श्री श्री 1008 श्री विजय शांति सुरीश्वर गुरुदेव की 83वीं स्वर्गारोहण जयंती के पावन अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अनूठा संगम देखने को मिला। सिहावा रोड स्थित शांति वाटिका में आयोजित भव्य भक्ति संध्या में गुरुदेव की महिमा का गुणगान किया गया। कार्यक्रम का उत्साह ऐसा रहा कि भक्ति संगीत की स्वर लहरियां रात 3 बजे तक गूंजती रहीं और श्रद्धालु देर रात तक भक्ति में लीन रहे। इस भव्य आयोजन में धमतरी के अलावा बालोद, कांकेर, चारामा, महासमुंद, रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गुरुभक्त पहुंचे।
भावेश बैद, सजल बैद, पिंटू स्वामी और रतन मामा ने दी प्रस्तुतियां
कार्यक्रम में परम गुरुभक्त भावेश बैद एवं सजल बैद, परम गुरुभक्त भजन प्रभावक पिंटू स्वामी (सिद्धार्थ डागा) तथा परम गुरुभक्त रतन मामा ने अपनी भक्ति प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। कलाकारों ने गुरुदेव की महिमा का गुणगान करते हुए भजनों की भावपूर्ण प्रस्तुति दी।
श्रद्धा, आस्था और समर्पण का बना यादगार आयोजन
आयोजकों के अनुसार, गुरुदेव की 83वीं स्वर्गारोहण जयंती पर आयोजित यह भक्ति संध्या उनके प्रति श्रद्धा, आस्था और समर्पण व्यक्त करने का पावन अवसर रही। शांति वाटिका में कार्यक्रम को लेकर विशेष तैयारियां की गई थीं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ाया। रात 8 बजे शुरू हुआ भक्ति का यह सिलसिला रात 3 बजे तक अनवरत जारी रहा।