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धमतरी के कोर्रा पीएचसी ने हासिल किए 96.33% अंक, NQAS गुणवत्ता प्रमाणन में छत्तीसगढ़ के पांच संस्थानों में अव्वल

धमतरी। कोर्रा पी एस सी NQAS की कसौटी पर खरा उतरा है। ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के आकलन में धमतरी जिले का कोर्रा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) सबसे आगे रहा। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) के बाहरी मूल्यांकन में केंद्र ने 96.33 प्रतिशत अंक हासिल किए। छत्तीसगढ़ के जिन पांच सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों का मूल्यांकन कर गुणवत्ता प्रमाणन प्रदान किया गया, उनमें कोर्रा PHC का स्कोर सबसे अधिक रहा।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र (NHSRC) ने 7 अक्टूबर 2026 को राज्य के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के मिशन संचालक को पत्र भेजा। इसमें छत्तीसगढ़ के पांच सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों को NQAS के तहत गुणवत्ता प्रमाणन दिए जाने की जानकारी दी गई है। सूची में धमतरी जिले के कोर्रा PHC को 96.33 प्रतिशत अंकों के साथ ‘क्वालिटी सर्टिफाइड’ बताया गया है।

कोर्रा PHC को NQAS प्रमाणन पर BMO का बयान

इस उपलब्धि पर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) हेमराज देवांगन ने बताया कि यह प्रमाणन अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं और निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनके अनुसार, केंद्र शासन के तय मानकों के अनुरूप संचालित हो रहा है और प्रमाणन की प्रक्रिया में अस्पताल सफल रहा।

शासन और जनता को दिया श्रेय

श्री देवांगन ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन की ओर से मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं और आम जनता के निरंतर सहयोग से यह मुकाम हासिल हुआ है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सुविधाओं के स्तर में लगातार सुधार किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।

3 और 4 जुलाई को हुआ कोर्रा PHC का बाहरी मूल्यांकन

NHSRC के पत्र के अनुसार, कोर्रा PHC का बाहरी मूल्यांकन 3 और 4 जुलाई 2026 को किया गया था। मूल्यांकन संबंधी तालिका में छह विभागों का उल्लेख है। केंद्र ने निर्धारित सभी गुणवत्ता मानदंडों को पूरा किया और उसे ‘क्वालिटी सर्टिफाइड’ का दर्जा दिया गया।

NQAS में पांचों संस्थानों का स्कोर कार्ड

NHSRC के पत्र में छत्तीसगढ़ के पांच सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों के मूल्यांकन परिणाम दर्ज हैं। इनमें कोर्रा PHC ने 96.33 प्रतिशत अंक हासिल किए। अन्य संस्थानों के स्कोर इस प्रकार हैं।

क्रमांक| स्वास्थ्य संस्थान| जिला| प्राप्त अंक
1| CHC भैरमगढ़| बीजापुर| 89.91%
2| AAM PHC बंजारीडांड कोरिया| 94.61%
3| AAM PHC मुड़ीपार| खैरागढ़-छुईखदान-गंडई| 92.48%
4| AAM PHC कोर्रा| धमतरी| 96.33%
5| AAM PHC रामचंद्रपुर| बलरामपुर| 80.85%

नोट: तालिका में संस्थानों का क्रम मूल पत्र के अनुसार रखा गया है।

क्या है NQAS गुणवत्ता प्रमाणन?

राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का आकलन करने वाला राष्ट्रीय ढांचा है। इसके अंतर्गत मरीजों को मिलने वाली सेवाओं, उनके अधिकारों, संसाधनों, सहायक सेवाओं, क्लिनिकल केयर, संक्रमण नियंत्रण और गुणवत्ता प्रबंधन जैसे विभिन्न पहलुओं का मूल्यांकन किया जाता है। इसका उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षित, व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देना है।

ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए क्यों अहम है यह उपलब्धि?

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ग्रामीण आबादी के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की पहली महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। ऐसे में गुणवत्ता प्रमाणन मिलना स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए उत्साहजनक उपलब्धि है। अब इस उपलब्धि का वास्तविक महत्व इस बात में होगा कि ग्रामीण मरीजों को नियमित रूप से समय पर उपचार, आवश्यक जांच, दवाओं की उपलब्धता और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलता रहे। गुणवत्ता के इस स्तर को लगातार बनाए रखना ही प्रमाणन की सार्थकता को मजबूत करेगा।

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