धमतरी में दिव्यांगजनों के लिए निदान-03 शिविर का आयोजन, मुख्य अतिथि लोकेश कावडिय़ा ने दिव्यांगो को आत्मनिर्भर बनाने पर दिया जोर
महापौर रामू रोहरा ने कहा, शिविर में एक ही स्थान पर मिल रही सहायक उपकरण, प्रमाण पत्र और यूडीआईडी कार्ड बनाने की सुविधाएं
कृत्रिम अंग, कैलिपर्स एवं सहायक उपकरणों का मापन, परीक्षण और वितरण

धमतरी। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत दिव्यांगजनों को आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 10 एवं 11 अक्टूबर को धमतरी के आमातालाब रोड स्थित इंडोर स्टेडियम में निदान-03 शिविर का आयोजन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ स्टेट निशक्तजन वित्त एवं विकास निगम आयोग के अध्यक्ष लोकेश कावडिय़ा इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। शिविर के दौरान मंच पर भखारा नगर पंचायत अध्यक्ष ज्योति हरख जैन, कविन्द्र जैन, जिला पंचायत सभापति मोनिका देवांगन, निगम एमआईसी मेम्बर विजय मोटवानी, एल्डरमेन अशोक सिन्हा, विजय ठाकुर, आमदी नगर पंचायत अध्यक्ष ज्योति साहू, निगम कमिशनर अरुण वर्मा, डिप्टी कमिशनर पीसी सार्वा, धमतरी जनपद अध्यक्ष अंग्रिरा ध्रुव, पार्षद कुलेश सोनी, नम्रता पवार, विभा चन्द्राकर, सहित अन्य पदाधिकारी व गणमान्य नागरिक उपस्थित रह। इस अवसर पर लोकेश कावडिय़ा ने कहा कि दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोडऩा और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। निदान-03 जैसे शिविर दिव्यांगजनों के लिए उपयोगी साबित होंगे। शिविर के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को कृत्रिम अंग, कैलिपर्स, व्हीलचेयर, मैनुअल ट्राइसाइकिल, श्रवण यंत्र सहित अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। साथ ही दिव्यांगता प्रमाण पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड बनाने की सुविधा भी मिलेगी। इससे दिव्यांगजनों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
दिव्यांगजनों को योजनाओं का लाभ दिलाना प्राथमिकता: रामू रोहरा
धमतरी महापौर रामू रोहरा ने कहा कि दिव्यांगजन समाज का अभिन्न अंग हैं। उनकी आवश्यकताओं को समझते हुए उन्हें सुविधाएं उपलब्ध कराना और आत्मनिर्भर बनने के अवसर प्रदान करना हम सभी की जिम्मेदारी है। निदान-03 शिविर के माध्यम से दिव्यांगजनों को एक ही स्थान पर परीक्षण, प्रमाणीकरण, पहचान पत्र निर्माण और सहायक उपकरणों से संबंधित सुविधाएं मिलेंगी। इससे उन्हें अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की परेशानी कम होगी और पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं से जोडऩे में मदद मिलेगी।
शिविर में मिल रही कई सुविधाएं
शिविर में हाथ-पैर से दिव्यांग तथा पोलियोग्रस्त हितग्राहियों के लिए कृत्रिम अंग एवं कैलिपर्स का मापन और परीक्षण किया जा रहा है। पात्र हितग्राहियों को आवश्यकता के अनुसार अन्य सहायक उपकरण भी उपलब्ध कराए जा रहे है। जिला चिकित्सा बोर्ड द्वारा दिव्यांगता का परीक्षण एवं प्रमाणीकरण किया जा रहा है तथा समाज कल्याण विभाग के माध्यम से यूडीआईडी कार्ड बनाने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।