शिव सिंह वर्मा गर्ल्स स्कूल की छात्राओं ने महापौर रामू रोहरा से जानी नगरीय निकायों की कार्यप्रणाली
महापौर ने छात्राओं को बताए नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत एवं ग्राम पंचायत के कार्य और जिम्मेदारियां

धमतरी। लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्थानीय स्वशासन की भूमिका और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारियों को समझने के उद्देश्य से शिव सिंह वर्मा गर्ल्स स्कूल की छात्राओं ने महापौर रामू रोहरा से मुलाकात की। इस दौरान छात्राओं ने महापौर के राजनीतिक जीवन, जनसेवा के अनुभवों और नगरीय निकायों की कार्यप्रणाली के संबंध में जानकारी प्राप्त की। महापौर ने सहजता से छात्राओं के साथ संवाद करते हुए स्थानीय शासन व्यवस्था और विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।
महापौर रामू रोहरा ने छात्राओं को बताया कि नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत शहरी क्षेत्रों में नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा विकास कार्यों को गति देने के लिए कार्य करते हैं। इनमें शहर की साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, सड़क एवं नाली निर्माण, स्ट्रीट लाइट, सार्वजनिक सुविधाओं का विकास और नागरिकों की समस्याओं का निराकरण प्रमुख है। वहीं, ग्राम पंचायत ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने, गांवों के विकास और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
जनसेवा ही जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी जिम्मेदारी
महापौर ने अपने राजनीतिक जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि का दायित्व केवल विकास कार्य कराना ही नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं को सुनना, उनकी आवश्यकताओं को समझना और उनका समाधान सुनिश्चित करना भी है। जनता का विश्वास बनाए रखना और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना जनसेवा का मूल उद्देश्य है। उन्होंने छात्राओं को लोकतंत्र, स्थानीय स्वशासन और जनप्रतिनिधियों की भूमिका के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।
महापौर श्री रोहरा ने कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक, राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था की जानकारी भी रखनी चाहिए। इससे उनमें सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता बढ़ती है और वे भविष्य में एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में समाज एवं राष्ट्र के विकास में योगदान दे सकते हैं।
जागरूक नागरिक बनें, राष्ट्र निर्माण में निभाएं भूमिका
छात्राओं को प्रेरित करते हुए
महापौर ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि जागरूक, जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनना भी है। लोकतंत्र की मजबूती तभी संभव है, जब नागरिक अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों को भी समझें। आज की छात्राएं कल के समाज का नेतृत्व करेंगी, इसलिए उन्हें सामाजिक सरोकारों से जुड़कर जनहित के विषयों को समझना चाहिए और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जनसेवा लोकतंत्र की वास्तविक ताकत है और जनता का विश्वास जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी पूंजी है। इस प्रकार के संवाद विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक व्यवस्था समझने तथा भविष्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में सहायक होते हैं।
इस अवसर पर छात्राओं ने महापौर से विभिन्न विषयों पर चर्चा की और स्थानीय शासन व्यवस्था के बारे में अपनी जिज्ञासाएं रखीं। महापौर के साथ यह संवाद छात्राओं के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी और लोकतांत्रिक व्यवस्था को करीब से समझने का महत्वपूर्ण अवसर रहा।

