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सतनामी समाज के चुनाव में कोमल संभाकर की ऐतिहासिक जीत, 704 वोटों के बड़े अंतर से बने जिलाध्यक्ष


धमतरी। सतनामी समाज जिला धमतरी के जिलाध्यक्ष पद के लिए रविवार को हुए चुनाव में युवाओं ने नेतृत्व की कमान युवा चेहरे कोमल संभाकर के हाथों में सौंपी। चार प्रत्याशियों के बीच हुए मुकाबले में कोमल संभाकर ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी रूपेन्द्र बघेल को 704 मतों के बड़े अंतर से पराजित कर जिलाध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। कोमल को कुल 920 मत प्राप्त हुए, जबकि रूपेन्द्र बघेल को 216 वोट मिले। इस तरह कोमल ने चुनाव में स्पष्ट बढ़त के साथ जीत हासिल की।
रविवार को सतनामी समाज के जिला संगठन चुनाव को लेकर सुबह से ही समाजजनों में उत्साह देखने को मिला। जिले के अलग-अलग विकासखंडों में मतदान केंद्र बनाए गए थे। धमतरी शहर के लिए हटकेशर स्थित सतनाम सामुदायिक भवन, धमतरी ग्रामीण के लिए देवपुर सहित मगरलोड, नगरी, भखारा और कुरूद में मतदान की व्यवस्था की गई थी। जिलाध्यक्ष पद के लिए कुल चार प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। इनमें कोमल संभाकर, रूपेन्द्र बघेल, तेजेश्वर कुर्रे और विजय सोनवानी शामिल थे। सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक मतदान प्रक्रिया चली। समाजजनों ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर नए जिला नेतृत्व का चयन किया। मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना शुरू हुई, जिसमें कोमल संभाकर लगातार बढ़त बनाए रहे। मतगणना के बाद घोषित परिणाम में कोमल संभाकर को सर्वाधिक 920 मत प्राप्त हुए। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी रूपेन्द्र बघेल को 216, तेजेश्वर कुर्रे को 191 और विजय सोनवानी को 28 मत मिले। इस प्रकार कोमल ने कुल 704 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। तीनों अन्य प्रत्याशियों को मिलाकर 435 मत प्राप्त हुए। कोमल संभाकर लंबे समय से सामाजिक गतिविधियों और जनहित के मुद्दों को लेकर सक्रिय रहे हैं। छत्तीसगढ़ के चर्चित बलौदाबाजार कांड के बाद वे काफी सुर्खियों में आए थे। इस प्रकरण में उन्हें लगभग नौ महीने जेल में रहना पड़ा था। जेल से बाहर आने के बाद भी उनकी सामाजिक गतिविधियां और समाज के विभिन्न मुद्दों को लेकर सक्रियता जारी रही। युवाओं के बीच उनकी पहचान एक सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में रही है।
शिक्षा, सामाजिक समरसता, सम्मान, अधिकार और संगठन की मजबूती के लिए सभी को साथ लेकर आगे बढ़ेंगे – कोमल संभाकर

जीत के बाद नवनिर्वाचित जिलाध्यक्ष कोमल संभाकर ने समस्त समाजजनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेवा ही उनका धर्म और कर्म है। वे समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उसकी समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए प्रयास करेंगे। समाज के युवाओं को अधिक से अधिक संगठन से जोड़कर उन्हें नेतृत्व के अवसर प्रदान करना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के मार्गदर्शन और युवाओं के सहयोग से समाज के सर्वांगीण विकास के लिए काम किया जाएगा। शिक्षा, सामाजिक समरसता, सम्मान, अधिकार और संगठन की मजबूती के लिए सभी को साथ लेकर आगे बढ़ेंगे। समाजजनों ने जिस विश्वास के साथ जिम्मेदारी सौंपी है, उस विश्वास पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे।

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