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भूपेश बघेल को काम नहीं, सिर्फ नाम चाहिए : अजय चंद्राकर

धमतरी। पूर्व मंत्री और कुरूद विधायक अजय चंद्राकर ने आरोप लगाया है कि भूपेश बघेल सरकार ने मुख्यमंत्री आवास न्याय के नाम का नया ढोंग रचा है, अपने नेता को बुलाकर प्रदेश की जनता को बरगलाने का प्रयास कर रहे हैं कि गरीबों के लिए 7 लाख मकान बनाए जायेंगे। जो मुख्यमंत्री प्रदेश के गरीबों को पक्का मकान से वंचित रखा, जिनके कच्चे मकान बारिश में ढह गए, ऐसे सभी पीडि़त परिवार भूपेश सरकार को सबक सिखाएंगे। पूर्व मंत्री श्री चंद्राकर ने धमतरी के बठेना समेत अन्य वार्डो के रहवासियों को पीएम आवास योजना का लाभ नहीं मिलने पर शहर सरकार और प्रदेश की भूपेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि रोजी मजूदरी का अपना पालन पोषण कर रहे वार्डो के अधिकांश गरीब मजदूर तबके के लोग कच्चे मकानों में ही जैसे तैसे गुजर बसर कर रहे हैं। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसे गरीब तबके के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू की थी ताकि उनके पास खुद का अपना आशियाना हो, मगर प्रदेश की भ्रष्ट और घोटालेबाज सरकार ने इन गरीब तबके के लोगों का सपने को चकनाचूर कर दिया। छत्तीसगढ़ के कांग्रेस सरकार की ग्रामीण आवास योजना को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ग्रामीण आवास योजना के नाम पर 30 हजार हितग्राहियों को केवल स्वीकृति पत्र दिया गया है, 47 हजार पक्का मकान देने के लिए 1 हजार करोड़ रुपए का बजट दिया गया है। एक पक्का मकान बनाने के लिए मात्र 21 हजार रुपए दिए जाएंगे, इतने पैसे में पक्का मकान कैसे बनेगा? यह न्याय योजना भी मकान बनने की आस लगाए गरीब भाइयों के साथ फरेब है। राहुल गांधी के हाथों 1 लाख ग्रामीणों को प्रधानमंत्री आवास योजना की पहली किश्त बंटवाई गई है, जब सरकार अंतिम सांसें गिन रही है उस समय अपनी विफलता छुपाने लीपापोती करने में लगी है। जनता भूपेश सरकार की झूठ और फरेब को समझ चुकी है। यह घोषणा भी पिछले चुनाव के पहले संकल्प पत्र में किए गए झूठे वादे की तरह ही है जो चुनाव के समय की गई है। जब केंद्र की मोदी सरकार ने 16 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए, निर्माण के लिए पैसा दिया, तब यह आवास क्यों नहीं बनाए? गरीब जनता को आवास से वंचित करके क्यों रखा? चुनाव से पहले यह मकान बनाने की घोषणा क्यों कर रहे हैं? भूपेश बघेल केवल नाम चाहते हैं। पौने पांच साल में न तो उन्होंने कोई काम किया है और न कोई काम करना चाहते हैं। उन्हें चुनाव के वक्त गरीबों के आवास याद आ रहे हैं तो क्या वजह है कि इसके पहले उन्होंने गरीबों के आवास में तरह-तरह के अड़ंगे लगाए और गरीबों के आवास नहीं बनने दिए। चुनाव आ गया तो कह रहे हैं कि 7 लाख आवास बनायेंगे। अब उनके पास समय है कहां, जो वे गरीबों के लिए यह आवास बनायेंगे? उन्होंने कहा कि सवाल यह है कि आखिर यह नौबत क्यों आई? इसके लिए भूपेश बघेल जिम्मेदार हैं। क्योंकि केंद्र की मोदी सरकार ने तो उन्हें गरीबों के मकान बनाने के लिए पैसा भेजा था, उन्होंने ही 10 हजार करोड़ ठुकरा दिए। वे नहीं चाहते थे कि छत्तीसगढ़ के सभी आवासहीन गरीबों को पक्का मकान मिले। जब तक राज्य में भाजपा की सरकार रही, तब तक लक्ष्य के अनुरूप प्रधानमंत्री आवास योजना में छत्तीसगढ़ की रफ्तार बहुत तेज रही। कांग्रेस ने आते ही गरीब का हक छीन लिया। भाजपा विधायक श्री चंद्राकर ने कहा कि बीजेपी की सरकार ने जिस गति से विकास किया, वह एक मिसाल है। जब से कांग्रेस की सरकार बनी तब से छत्तीसगढ़ की जनता मोदी जी की योजनाओं के लाभ से वंचित है।

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