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धमतरी-सिहावा में प्रत्याशी चयन कांग्रेस के लिए साबित हो रहा टेढ़ी खीर

पिछले चुनाव में बगावत से जिले में कांग्रेस को हुआ था दो सीटों का नुकसान

बगावत के चलते गत चुनाव में होरा को मिली थी 464 मतो से हार, कुरुद में भी बगावत पड़ी थी भारी


धमतरी। विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस द्वारा प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया अभी भी जारी है। पहले दो सूची में 83 प्रत्याशियों की घोषणा कर दी गई। जिसमें धमतरी जिले के 3 सीटों मे से एक सीट कुरुद में ही प्रत्याशी की घोषणा कर पाई है जबकि धमतरी व सिहावा विधानसभा में अभी तक प्रत्याशियों का ऐलान नहीं हो पाया है। ऐसे में माना जा रहा है कि कांग्रेस संगठन को वरिष्ठ नेताओ के लिए दोनो सीटों पर प्रत्याशी चयन पर टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। चर्चा यह भी है कि पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस जिले के तीनों सीटों पर जीत दर्ज कर सकती थी लेकिन बगावत के चलते कांग्रेस को दो सीट गंवाना पड़ा था। लेकिन इस बार ऐसी स्थिति न बने इसलिए कांग्रेस आला कमान फूंक फूंक कर कदम रख रही है। गहन मंथन किया जा रहा है। सभी पहलूओं पर गौर करते हुए अंसतोष व बगावत से बचकर जीताउ प्रत्याशी को टिकट देने पर विचार हो रहा है। लेकिन कई गुट जिले में कांग्रेस की है इसलिए प्रत्याशी चयन मुश्किल फैसला साबित हो रहा है। सिहावा विधानसभा में वर्तमान में कांग्रेस विधायक है इसके बाद भी प्रत्याशी चयन में देरी से यह संभावना जताई जा रही है कि इस बार कांग्रेस प्रत्याशी चयन में नये चेहरे को मौका दे सकती है। हालांकि उम्मीद की जा रही है कि आज दोनो सीटों पर प्रत्याशियों के नाम पर अंतिम मुहर लग पायेगा।
उल्लेखनीय है कि 2018 विधानसभा चुनाव में धमतरी विधानसभा से कांग्रेस ने गुरुमुख सिंह होरा को प्रत्याशी बनाया था। लेकिन आंनद पवार के निर्दलीय चुनाव लड़ा और लगभग 25 हजार मत प्राप्त किये परिणाम स्वरुप होरा भाजपा प्रत्याशी रंजना साहू से 464 वोटो से चुनाव हार गये थे। इसी प्रकार कुरुद विधानसभा में कांग्रेस प्रत्याशी लक्ष्मीकांता से ज्यादा मत कांग्रेस के बागी नीलम चन्द्राकर को मिला थी। लगभग 60 हजार मत पाकर वे दूसरा नम्बर पर रहे। इससे भाजपा प्रत्याशी अजय चन्द्राकर को लाभ हुआ और वे चुनाव जीत गई।

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