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चुनाव के बाद बदला जिले का राजनीतिक समीकरण, कई नेता हुए शांत, सक्रियता भी घटी

कुछ नेताओं के फिरेंगे दिन, कुछ का राजनीतिक अस्तित्व होगा ढलान पर

धमतरी। विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के पश्चात जिले के राजनीतिक समीकरण बदला हुआ नजर आ रहा है। आने वाले समय में समीकरण में और अधिक बदलाव हो सकता है। पहले जहां धमतरी विधानसभा में भाजपा की विधायक थी वहीं अब कांग्रेस का विधायक होगा। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी अब तक भाजपा की सरकार होगी। कुछ भाजपा नेता पिछले 5 सालों से लूप लाईन में थे जो अब उभरकर सामने आ सकते है। वहीं कुछ कांग्रेसी जो सत्ता होने के बाद भी सत्ता सुख नहीं भोग पाये वे विधायक कांग्रेस का होने का लाभ ले सकते है। खैर यह तो वक्त ही बतायेगा, लेकिन वर्तमान में भाजपा और कांग्रेस दोनो नेताओं की सक्रियता घट गई है। नेता शांत है। संभवत: नई सरकार के गठन के पश्चात फिर से राजनीति में उबाल आ सकता है।
क्या होगा नेतृत्व परिवर्तन ?
अक्सर देखा जाता है कि बड़े चुनाव के पश्चात ब्लाक जिले व राज्य में राजनीतिक पार्टियों द्वारा नेतृत्व परिवर्तन संगठन में किया जाता है। और यदि परिणाम उम्मीद के विपरित हो तो संगठन में परिवर्तन की संभावना बढ़ जाती है। जिले के तीन में से दो विधानसभा में कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। वहीं एक विधानसभा सीट पर भाजपा ने कब्जा जमाया है। ऐसे में जिले स्तर पर कांग्रेस का प्रदर्शन तो बेहतर रहा लेकिन भाजपा उम्मीद के विपरित परिणाम ला पाई। ऐसे में संगठन में परिवर्तन की चर्चा पार्टी के भीतर कुछ नेताओं द्वारा की जा रही है।
धोखेबाजो पर नजर
विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा कांग्रेस से कई नेता टिकट के दांवेदार रहे लेकिन टिकिट एक को ही मिलना संभव था। टिकिट वितरण के पश्चात पार्टी के भीतर गुटबाजी भी नजर आई। तीनों विधानसभा मे कुछ वरिष्ठ नेता ऐसे रहे जिन्होने पार्टी व प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार से खुद को अलग रखा। वहीं कुछ भीतरघात भी करते रहे। जिसका खामियाजा प्रत्याशियों को चुनाव में ऐसे ही धोखेबाजो पर प्रत्याशियों की नजर है।
वरिष्ठ नेताओं की नहीं चली उनके वार्डो में
कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं की उनकी वार्डो में नहीं चली और वे शहर में कांग्रेस को बहुमत नहीं दिला पाये। जिलाध्यक्ष शरद लोहाना, पूर्व विधायक हर्षद मेहता, गुरुमुख सिंह होरा, लेखराम साहू, महापौर विजय देवांगन, आलोक जाधव, मोहन लालवानी, जैसे कई दिग्गज कांग्रेसियों के निवास वाले वार्ड में भी कांग्रेस लीड नहीं ले पाई।
कांग्रेस को शहर, भाजपा को ग्रामीण में मंथन की आवश्यकता


धमतरी विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस को शहर व भाजपा को ग्रामीण क्षेत्र में आत्ममंथन की आवश्यकता है। डूबान व अन्य ग्रामीण क्षेत्रो में भाजपा पिछड़ी जिसके चलते शहर में भारी बढ़त के बाद भी हार का सामना करना पड़ा। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्रो में कांग्रेस को मतदाताओं का साथ मिलने के बाद भी शहर में के मतदाताओं के नकारने से एक स्थिति चुनाव हारने की कांग्रेस की हो गई थी। इसलिए कांग्रेस को शहर में मंथन की आवश्यकता है।

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