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बारिश थमने के बाद भी सोसायटियों में धान बेचने नहीं पहुंचे किसान, 5 केन्द्रों में हुई 3 हजार क्विंटल धान खरीदी

धमतरी । मिंचौग तूफान का असर धमतरी जिले में भी रहा। लगभग चार दिन तक खराब मौसम और बारिश के चलते खरीदी प्रभावित रही। कल शुक्रवार को मौसम खुलने से उम्मीद थी की बड़ी संख्या में किसान धान बेचने केन्द्रो में पहुंचेगें। लेकिन इसके विपरित धान बेचने वालो किसानों की संख्या काफी कम रही। करीब तीन हजार क्विंटल धान की खरीदी ही पांच उपार्जन केन्द्रों में हो पाया। बुधवार को मात्र साढ़े 5 सौ क्विंटल धान की ही खरीदी जिले में हो पाई। वहीं गुरुवार को भी लगभग 8 सौ क्विंटल धान ही खरीदा जा सका। हालांकि शुक्रवार को बारिश थमने के साथ ही मौसम खुलना शुरु हो गया था, लेकिन इसके बाद भी उपार्जन केन्द्रों में धान की आवक काफी कमजोर रही। किसान अभी भी अपने खेतों में फसलों को सहेजने में जुटे हुए है। तेज धूप निकलने पर फसल के सूखने के बाद ही उसकी मिंजाई कर बिक्री के लिये किसान पहुंचेंगे। इस तरह आने वाले तीन से चार दिनों बाद ही उपार्जन केन्द्रों में फिर से रौनक लौटने की संभावना है। शुक्रवार को जिले के सोरम, भटगांव, आमदी, भखारा और बगदेही सोसायटी में ही तीन हजार क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर खरीदा गया।
41160 किसानों ने बेचा अब तक 337 करोड़ 88 लाख 14340 रूपये का धान


जिला विपणन अधिकारी ने बताया कि जिले के 1 लाख 24 हजार 406 किसानों में से अब तक 41 हजार 160 किसानों से 15 लाख 42 हजार 358 क्विंटल धान बेचा है, जिसकी राशि 337 करोड़ 88 लाख 14 हजार 340 रूपये हैं। कुरुद शाखा के उपार्जन केन्द्रों में 144147 क्विंटल, करेली में 79835 क्विंटल, कोर्रा में 142712 क्विंटल, दरबा में 58630 क्विंटल, धमतरी में 250636 क्विंटल, नगरी में 301697 क्विंटल, नारी में 44801 क्विंटल, भखारा में 102625 क्विंटल, मगरलोड में 21376 क्विंटल, मरौद में 69001 क्विंटल तथा संबलपुर में 137756 क्विंटल धान खरीदी हो पाया है। किसानों से 83 करोड़ 21 लाख 25 हजार रुपये का कर्ज वसूली किया गया। खराब मौसम के चलते उठाव भी प्रभावित हुआ है। राईस मिलर्स अब तक 10 लाख 70 हजार 150 क्विंटल धान का उठाव ही उपार्जन केन्द्रो से कर पाये है।

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