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सदगुरु के बिना आदर्श जीवन की शुरूआत नहीं-पं चेलक दास वैष्णव

देमार में नौ कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का समापन

धमतरी अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में ग्राम देमार में आयोजित नौ कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का अंतिम दिवस पूर्णाहुति के साथ समापन हुआ।व्यासपीठ पर विराजमान कथा वाचक पंं चेलक दास वैष्णव ने कहा कि वास्तव में सदगुरु के बिना हमारे आदर्श जीवन की शुरूआत नहीं होती। गुरु तपस्वी, ज्ञानी, विद्वान, चरित्रवान और कल्याण करने वाला होना चाहिए। बिना गुरु के जीवन अधूरा है। गुरु के द्वारा ही भगवान की प्राप्ति होती है। जिला समन्वयक दिलीप नाग ने कहा कि अपनी सुधार संसार की सबसे बड़ी सेवा है। शांतिकुंज द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्त गांव एवं परिवार के तहत ग्राम देमार को नशा मुक्त गांव बनाने संकल्प कराया गया।हरदिहा साहू समाज के जिला अध्यक्ष एवं पूर्व सरपंच शीत कुमार साहू ने भी अपने गांव देमार को नशा मुक्त गांव बनाने में भरपूर सहयोग करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर गायत्री परिवार के जिला महिला प्रमुख श्रीमती खिलेश्वरी किरण एवं पेरपार के वरिष्ठ परिजन तामेश्वर साहू ने गायत्री परिवार के गतिविधियों की जानकारी दिया। देमार के वरिष्ठ गायत्री परिजन जालम सिंह कुंभकार द्वारा देमार में गुरुदेव के कार्यक्रम संचालन में कठिनाई न हो इसके लिए अपने 35 डिसमिल जमीन गायत्री परिवार को दान देने की घोषणा किया। यज्ञीय आयोजन में महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दीक्षा संस्कार 46 , पुंसवन संस्कार 5 , विद्यारंभ 25 , मुण्डन 22 एवं दो जोड़ा दम्पति का विवाह संस्कार संपन्न कराया गया। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन वरिष्ठ परिजन दिनेश कुमार साहू ने किया।
कार्यक्रम को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने में जालम सिंह कुंभकार, दिनेश साहू,शीत कुमार साहू,हिरदे राम साहू,देवमन लाल साहू, श्रीमती गायत्री देवी साहू,हिरमा बाई साहू, देवेन्द्र कुंभकार, रामेश्वर सिंह यादव,जीवराखन पटेल ,डेमन साहू,वेनुका यादव, धमतरी से दिलीप नाग, खिलेश्वरी किरण, प्रदीप देवांगन,डा रामचंद्र मेश्राम, पुरुषोत्तम निर्मलकर, मकसूदन मेश्राम, नमिता देवांगन, रामेश्वर सिन्हा, तामेश्वर साहू, सहित प्रज्ञा मण्डल, महिला मण्डल के समस्त परिजनों एवं समस्त ग्राम वासियों का भरपूर सहयोग प्राप्त हुआ।

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