सजा होली का बाजार, हर्बल रंगो, आकर्षक पिचकारियों की डिमांड ज्यादा
25 मार्च को मनाया जायेगा होली पर्व, मंहगाई हावी

धमतरी। होली पर्व का लोगों को इंतजार रहता है। चूंकि पर्व को मात्र 2 दिन शेष रह गया है। ऐस में लोग पर्व की की खरीददारी कर रहे है। होली पर्व को लेकर शहर में बाजार सज चुका है। बता दे कि 24 मार्च को होलिका दहन होगा अगले दिन 25 मार्च को होली खेली जायेगी ऐसे में अब मात्र दो दिन ही पर्व को शेष रह गया है। इसलिए होली बाजार में रौनक बढ़ी है। शहर के गोल बाजार, इतवारी बाजार रामबाग सहित कई स्थानों व दुकानों पर होली का बाजार सजा है। इस बार होली सामाग्रियों पर मंहगाई हावी है. 15-20 प्रतिशत की दामों में वृद्धि हुई है। ऐसे में खरीददारी के लिए जेब ढीली करनी पड़ रही है। होली सामाग्री विक्रेताओं ने बताया कि हर्बल रंगो की डिमांड ज्यादा है। वहीं आकर्षक पिचकारियां जैसे डबलधार वाली, मूविंग गन, रंग वाले फटाखे, गुलाल उड़ाने वाले गन, थ्रीडी बॉबी डॉल पिचकारी स्पाइडरमेन पिचकारी आदि की डिमांड ज्यादा है। वहीं सामान्य पिचकारी की भी अच्छी बिक्री हो रही है। पहले होली बाजार पर चायना सामानों का कब्जा था लेकिन अब मेड इन इंडिया सामानों की मात्रा दुकानों में ज्यादा है।
रंग बिरंगे बाल, टोपी का फैशन
पिछले कुछ सालों में होली पर्व पर रंग बिरंगे बालों की डिमांड ज्यादा रही है। इस बार भी बाजार में तेजी से रंगीन बाल बिक रहे है। बाजार में 100 रुपये से प्रारंभ होकर 300 रुपये तक के बाल उपलब्ध है। इसी प्रकार कई प्रकार की टोपी की डिमांड भी है। कुछ युवा ग्राहक ऐसे भी है जो पक्के रंगो की डिमांड कर रहे है। हालांकि ऐसे रंग बैन है लेकिन फिर भी कुछ दुकानो में उपलब्ध हो जाते है। मुखौटा पर प्रशासन ने प्रतिबंध लगाया है, लेकिन फिर भी कुछ दुकानों में मुखौटे चोरी छिपे बेचा जा रहा है।
2500 जोड़ी तक बिक रहे नगांड़े
होली पर्व पर नंगाड़ो का विशेष महत्व रहता है। पहले पर्व के कई दिन पहले से ही नंगाड़ो की थाप सुनाई देती थी, लेकिन अब धीरे-धीरे नंगाड़ा का महत्व घटता जा रहा है। पर्व के हफ्तेे भर पूर्व से ही नंगाड़ो का बाजार सज चुका है। लेकिन नंगाड़ो के भाव बढ़े हुए है छोटे नंगाड़ा 100 रुपये जोड़ी में मिल पा रहा है। वहीं बड़े नंगाड़ो की कीमत तो 2000 से 2500 तक बताये जा रहे है। नंगाड़ा विक्रेताओं ने बताया कि चूंकि बोर्ड परीक्षाओं के चलते नंगाड़ों की थाप अब तक कम सुनाई दे रही थी। साथ ही डिमांड कम है पर्व के एक दो दिन पहले ही नंगाड़ो की बिक्री ज्यादा होती है।

