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कस्टम मीलिंग में धमतरी जिला प्रदेश में नम्बर वन

धान का उठाव करने के बाद, मिलरों ने एफसीआई व नान में किया 55 प्रतिशत चावल जमा

लक्ष्य से अधिक खरीदी के चलते अतिरिक्त धान के लिए शासन से निर्देश प्राप्त नहीं होने के कारण नहीं हो पा रहा उठाव
धमतरी। धमतरी जिले में इस बार रिकार्ड लक्ष्य से अधिक धान की खरीदी हुई है। इसके पश्चात धान का उठाव व कस्टम मीलिंग में भी धमतरी जिला अग्रणी बना हुआ है। ज्ञात हो कि इस साल जिले में समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी लक्ष्य से ज्यादा रिकॉर्ड 61 लाख 7 हजार 332 क्विंटल हुई। जो अब तक की सबसे ज्यादा धान की खरीदी है। खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए जिले के 1 लाख 24 हजार 987 किसानों ने पंजीयन कराया था, जिसमें से 1 लाख 21 हजार 660 किसानों ने समर्थन मूल्य पर जिले के सभी 100 केंद्रों में धान बेचा है। 3 हजार 327 किसानों ने इस साल धान नहीं बेचा है। धान बेचने की कुल राशि 1335 करोड़ 64 लाख 47 हजार 532 रुपए थी। इनमें से 261 करोड़ 49 लाख 4 हजार 750 रुपए की कर्ज वसूली किसानों से की गई। खरीदी के पश्चात केन्द्रो में रखे धान का उठाव कस्टम मीलिंग करने हेतु जिले के मिलरो ने अनुबंध किया है। इसके पश्चात खरीदी के साथ ही धान का उठाव प्रारंभ हुआ। वर्तमान में खरीदी लक्ष्य से संबधित धान की मात्रा का उठाव पहले ही हो गया है। इसके पश्चात कस्टम मीलिंग कार्य भी जोरो पर है। मिलरों ने अब तक 55 प्रतिशत चावल मीलिंग कर नागरिक आपूर्ति निगम व भारतीय खाद्य निगम मेें जमा कराया है। इस प्रकार धमतरी जिला कस्टम मीलिंग के मामले में धमतरी जिला नम्बर वन बना हुआ है। इस बार धान खरीदी के लक्ष्य से अधिक धान खरीदी होने से अधिक धान के कस्टम मीलिंग को लेकर शासन से गाईड लाईन का इंतजार है। इसलिए अतिरिक्त धान सोसायटियों में पड़ा हुआ है। संभवत: आचार संहिता खत्म होने के पश्चात उक्त धान के संबंध में शासन द्वारा निर्णय लिया जाएगा।

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