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श्री हरि के मार्ग में है कठिनाईयां व विघ्न – संत लोकेश

धमतरी। धैर्य एवं निर्मानता को धारण कर हरि के कठिन मार्ग में चलकर मंजिल तक पहुंचने वाले आचार्य सद्गुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज के चालीहा महोत्सव के 28 वें दिन के चालीसा पाठ एवं सत्संग का आयोजन श्री प्रेम प्रकाश आश्रम पर दो गुरुभक्तों के परिवार द्वारा गुप्त रूप से किया गया जिसमें उपस्थित गुरुभक्तों ने चालीसा पाठ, भगवत नाम संकीर्तन एवं भजनों के साथ साथ सत्संग का लाभ प्राप्त किया। सत्संग के दौरान संत लोकेश जी ने आचार्य श्री के द्वारा रचित अमरापुर-वाणी जो गुरुदेव महाराज की अनुभवी-वाणी का वर्णन किया। बताया कि हम कैसे हरि की ओर जाने वाले कठिन मार्ग पर चलकर हरि को प्राप्त कर सकते हैं इस मार्ग में धीरे धीरे धैर्य पूर्वक संभल संभल कर मजबूती के साथ एक एक कदम को रखते हुए आगे बढऩा है क्योंकि यह मार्ग बहुत कठिन है इस मार्ग में अनेक विघ्न हैं। यश प्रशंसा, धन, स्त्री इन तीनों से बचकर चलना होगा। अहंकार को सर्वथा त्याग कर आगे बढऩा चाहिए, अपने मन में अहंकार पैदा ही नहीं होने देना चाहिए यह सोचना चाहिए कि ये सब प्रभु की कृपा से हो रहा है।

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