Uncategorized

कलेक्टर एवं एसपी के निर्देशन पर ली गई शांति समिति की बैठक

गणेश विसर्जन के दौरान मान.उच्च.न्यायालय के दिशा निर्देशों का पालन किया जाना आवश्यक

अधिक ध्वनि होने पर मान.न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए की जाएगी सख्त कार्यवाही

धमतरी, कलेक्टर सुश्री नम्रता गाँधी एवं एसपी.श्री आंजनेय वार्ष्णेय के निर्देशन पर आज जनसंवाद कक्ष में आज शांति समिति की बैठक आहूत की गई।
बैठक में जिला एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारियो में मुख्य रूप से अपर कलेक्टर जी.आर. मरकाम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुशील कुमार नायक, डी एस पी सुश्री नेहा पवार, नगर निरीक्षक श्री राजेश मराई सहित विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल और गणेश उत्सव समिति के पदाधिकारी उपस्थित थे।अपर कलेक्टर श्री मरकाम ने कहा कि धमतरी में हर त्यौहार पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है। यहां गणेश विसर्जन के दौरान निकलने वाली झंकियों क़ो देखने बड़ी संख्या में लोग आते है। हमें ध्वनि प्रदूषण के दृष्टिगत मान.उच्चतम न्यायालय एवं मान. उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन किया जाना भी आवश्यक है। उन्होंने उच्चतम न्यायालय आदेश की जानकारी देते हुए बताया कि डीजे के माध्यम से अत्यधिक ध्वनि होने पर आम जनता को परेशानी होती है, विभिन्न राज्यों में ध्वनि प्रदूषण के कारण मृत्यु हुई है।

बच्चों एवं बुजुर्गों पर इसका हानिकारक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि मान.उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करना हम सभी का दायित्व है। निर्देशों के अनुरूप डेसीबल से अधिक ध्वनि नहीं होनी चाहिए। इससे अधिक होने पर उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालय की अवमानना का प्रकरण बनने पर कार्रवाई की जाएगी। इसे ध्यान में रखते हुए पहले भी बैठक ली गई है। हमें आम जनता की भावना का सम्मान करते हुए मान. न्यायालय के निर्देशों का पालन करना होगा।अपर कलेक्टर ने कहा कि झांकी निकालने वाले सभी गणेशोत्सव समिति के पदाधिकारी शपथ पत्र देंगे कि न्यायालय के निर्देशों का पालन करेंगे। डीजे नहीं लगाने वाली झांकी भी अनुमति प्राप्त करेंगे।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुशील कुमार नायक ने कहा कि शहर हमारा है पिछले कुछ समय से डीजे, लाऊडस्पीकर, साऊण्ड सिस्टम से ध्वनि प्रदूषण की समस्या बढ़ी है, जिसके कारण आम जनता को तकलीफ होती है।
गणेश झांकी के दौरान उतनी ही ध्वनि होनी चाहिए, जिससे आम नागरिक को दिक्कत नहीं हो। उन्होंने बताया कि डेसीबल अधिक ध्वनि होने पर मान. उच्चतम न्यायालय एवं मान.उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सुचारू व्यवस्था बनाने के लिए सभी डीजे संचालक नियमों के अंतर्गत रहते हुए ध्वनि के निर्धारित मापदण्ड का पालन करेंगे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नायक ने ध्वनि प्रदूषण के संबंध में मान.उच्च न्यायालय के निर्देशों की जानकारी दी। मान. उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार वाहन पर साऊण्ड बाक्स रखकर ना बजे।वाहन में साऊण्ड बाक्स मिलने पर साऊण्ड बाक्स जब्त कर वाहन का रिकार्ड रखा जाये।
जप्त साऊण्ड बाक्स को कलेक्टर के आदेश के बाद ही छोड़ा जाना है। द्वितीय बार पकड़े जाने पर उस वाहन का परमिट निरस्त किया जाएगा तथा उच्च न्यायालय के आदेश बिना उस वाहन को कोई भी नया परमिट जारी नहीं किया जाएगा।
बैठक में अवमानना कार्यवाही के संबंध में और डीजे बजने पर जप्त करने, प्रेशर हार्न अथवा मल्टी टोन हार्न लगाने पर एवं स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, कोर्ट, ऑफिस से 100 मीटर एरियल डिस्टेन्स पर लाऊडस्पीकर बजने पर की जाने वाली कार्रवाई की जानकारी दी गई।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!