केन्द्रीय बजट से मिडिल क्लास के लोगों को सरकार ने दी बड़ी राहत, देश में होंगे बड़े वित्तीय बदलाव -भाजपा

धमतरी। केन्द्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को लोकसभा में वर्ष 2025-26 का आम बजट पेश किया। इस बजट पर भाजपा कांग्रेस के नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है।भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य ठाकुर शशि पवार, भाजपा झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक महेन्द्र पंडित, जिला भाजपा महामंत्री अविनाश दुबे, भाजपा नेता महेन्द्र खण्डेलवाल व पूर्व महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष बीथिका विश्वास ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस वर्ष प्रस्तुत बजट से देश में बड़े वित्तीय बदलाव होंगे। संसद में नया इनकम टैक्स बिल आएगा। किसानों के लिए कृषि ऋण की सीमा को बढ़ाकर 3 लाख से 5 लाख किया जाएगा। अगले वित्त वर्ष में 10000 मेडिकल सीटें एवं 6500 आई आई टी सीटें बढ़ाई जाएंगी। जल जीवन मिशन को 2028 तक बढ़ाया जाएगा। परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में नई क्रांति आएगी। अस्थाई कर्मचारियों, होम डिलीवरी वालों को विशेष बीमा कवर मिलेगा। ए आई एजुकेशन के लिए 500 करोड़ का प्रावधान किया गया है। प्रत्येक शासकीय जिला अस्पतालों में डे केयर एवं कैंसर सेंटर स्थापित किए जाएंगे। खनिज और दवाएं सस्ती होंगी। मेडिकल उपकरण सस्ते होंगे। बैटरी वाहनों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। भारत को खिलौना उद्योग का हब बनाने की योजना है। मिडिल क्लास के लोगों को सरकार ने बड़ी राहत दी। अब 8 के बजाय 12 लााख रूपए की इनकम पर भी टैक्स में छूट दी गई है। जो एक बहुत बड़ी राहत है। महिलाओं, एसटी, एससी, पिछड़ा वर्ग को 2 करोड़ तक टर्न लोन मिलेगा। किसानों के लिए धन धान्य योजना को प्रोत्साहन दिया जाएगा। 50 नए पर्यटन केंद्र खोले जाने की घोषणा भी की गई। आंगनबाड़ी पोषण 2.0 में 8 करोड़ नए बच्चे लाभान्वित होंगे। 1 लाख करोड़ का अर्बन चैलेंज फंड बनेगा। बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत एफ डीआई को मंजूरी मिलने से प्रतियोगिता बढ़ेगी जिसका लाभ आम आदमी को मिलेगा। वरिष्ठ नागरिकों को टैक्स छूट की सीमा दोगुनी की गई।
बजट में झूठे और खोखले आंकड़ों से जनता की आंखों पर डाला गया है परदा – कांग्रेस

पूर्व विधायक लेखराम साहू, पूर्व दुग्ध महासंघ अध्यक्ष विपिन साहू, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष भरत नाहर, पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष नरेश जसूजा व कांग्रेस नेता राहुल बख्तानी ने कहा कि केन्द्रीय बजट किसानों के हित में नजर नहीं आ रहा है। क्योंकि किसानों की ऋण माफी, एमएसपी, पीएम फसल बीमा योजना को कोई महत्व नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए निवेश को बढ़ाने की दिशा में स्पष्टता नहीं है। एक तरह से मीडियम वर्ग के लोगों को छलने के लायक बजट है। बजट में सिर्फ बिहार राज्य को फोकस किया गया है। क्योंकि वहां हाल में चुनाव होना है। केन्द्रीय वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए बजट देश का नहीं बल्कि बिहार प्रदेश का चुनावी बजट है। आगामी दिनों में बिहार में चुनाव होने वाला है। इसलिए मतदाताओं को रिझाने के लिए झूठे और खोखले आंकड़ों से जनता की आंखों पर परदा डाला गया है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों का पुराना घिसा-पिटा बजट है। किसानों के लिए एमएसपी बढ़ाने की बात नहीं हुई। जीएसटी का सरलीकरण कर एक ही जीएसटी कर प्रणाली की राहत व्यापारियों को नहीं दी गई। युवाओं के लिए रोजगार सृजन का विजन नहीं है। यह चंद बड़े उद्योगपतियों का बजट है।
