श्रद्धा और विश्वास के मिलन का नाम है शिव पार्वती विवाह: कौशिक जी महराज
5 दिवसीय शिवमहापुराण कथा के तीसरे दिन शिव विवाह में मना जश्न

धमतरी।पांच दिवसीय श्री शिवमहापुराण कथा एवं गायत्री महायज्ञ के तीसरे दिन रविवार को ग्राम झिरिया में श्रद्धालु संगीतमय भजनों के साथ जमकर झूमे। शिव पार्वती विवाह प्रसंग और अन्य कथाओं के साथ झाकियों का भी आनंद लिए।
कथावाचक युग पुरोहित कौशिक जी महराज ने अनेक प्रसंगों को सुनाते हुए कहा कि जीवन में मोह का होना स्वाभाविक ही है , पर उसमें आसक्ति पूर्ण बंध जाना मनुष्य योनि के लिए ठीक नहीं। इस अनमोल जीवन को व्यर्थ गंवाने से बेहतर भगवान के चिंतन में लगा दें। आगे उन्होंने कहा कि जो भी हमारे पास परमात्मा का दिया है,कुछ लोक हित, असहाय, गरीबों की सेवा में लगाएं। ग्राम झिरिया के बाजार चौक में गायत्री परिवार एवं ग्रामवासियों के तत्वाधान में आयोजित शिव महापुराण कथा व गायत्री महायज्ञ में सुबह 8 से 11 बजे गायत्री महायज्ञ व दोपहर 1 से 5 बजे तक शिवमहापुराण का कथा चल रही है। चौथे दिन सोमवार को भगवान कार्तिकेय, श्री गणेश जी के जन्म उत्सव का प्रसंग झाकियों के साथ चलेगा। कार्यक्रम का संचालन प्रज्ञा पुत्र सुरेशचंद्र सिंहसार कर रहे हैं।
शिवमहापुराण कथा के मुख्य यजमान प्रेमलाल लक्ष्मी बाघमार, जितेंद्र मोहिनी पटेल, डोमन रेखा चंद्राकर,अशोक पटेल अपनी सेवा दे रहे हैं।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से सरपंच शेखर पटेल,प्रहलाद सिन्हा, पुनीत चंद्राकर, उत्तम चंद्राकर, मनराखन ध्रुव, रामप्यारी ध्रुव, सखाराम साहू, अघारी राम निषाद, नरेंद्र सिन्हा, हरिश्चंद्र ध्रुव, कुंजलाल, दिलीप सिन्हा, रामाधार, डॉ छेदन राम सिन्हा, बल्लू साहू, नारद साहू, लालजी साहू, मनसा राम ध्रुव, लखन धीवर,कुमार साहू सहित बड़ी संख्या में आसपास के व ग्रामीण जन उपस्थित थे।


