शिवरात्रि हमें अज्ञानता की नींद से जागा कर अपने जीवन को प्रकाशमान बनाने का संदेश देता है- करूणा बहन
तपस्या भवन भखारा में आयाजित किया गया त्रिमूर्ति शिव जयंती


धमतरी। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय तपस्या भवन भखारा के द्वारा 89 वी त्रिमूर्ति शिव जयंती मनाई गई। जिसमें मुख्य अतिथि नवनिर्वाचित नपं अध्यक्ष ज्योति हरख जैन, समाजसेवी हरख जैन, एबीईओ चन्द्र कुमार, समाजसेवी दुलार सिन्हा, जितेन्द्र संचालक भारती संस्कृति स्कूल, बीके करुणा बहन रही। सेंटर संचालिका बीके करुणा बहन ने कहा कि शिवरात्रि हमें अज्ञानता की नींद से जागा कर अपने जीवन को प्रकाशमान बनाने का संदेश देता है। दुनिया वाले शिवरात्रि के रूप में मनाते हैं, हम इसको शिव जयंती के रूप में मनाते हैं। जयंती अर्थात जन्मदिन। कृष्ण के लिए जन्माष्टमी, राम के लिए रामनवमी शब्द लगाते हैं। लेकिन एक परमात्मा के लिए ही जयंती शब्द लगाते हैं। अर्थात वह कभी ना कभी इस धरा पर जन्म लिया है। जब उस पिता का अवतरण होता है, तो साथ-साथ बच्चों का जन्मदिन भी मनाया जाता है। यह संगम युग ही है जहां, आत्मा और परमात्मा का जन्मदिन साथ-साथ मना रहे हैं। शिव को जानने के लिए उसका ज्ञान जरूरी है।


