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जिला अस्पताल में लगातार बढ़ती जा रही है मरीजों की संख्या लेकिन डाक्टरों की कमी से परेशान हो रहे हैं मरीज

धमतरी के साथ बालोद, दुर्ग, गरियाबंद, कांकेर आदि जिलों से भी मरीज पहुंचते हैं जिला अस्पताल


धमतरी। जिला अस्पताल में धमतरी के साथ बालोद, दुर्ग, गरियाबंद, कांकेर आदि जिलों से भी मरीज पहुंचते हैं। यहां लगातार सुविधा बढ़ती जा रही है। डॉक्टरों की कमी को पूरा कर दिया जाए तो मरीजों से संख्या और बढ़ जाएगी। व्यवस्था में सुधार हेतु अस्पताल प्रबंधन को सख्त होने की जरूरत है। वर्तमान में अस्पताल परिसर में करोड़ों की लागत से नए भवन का निर्माण भी हो रहा है। जिला अस्पताल में सामान्य इलाज के अलावा डायलिसिस, फिजियोथैरेपी आयुर्वेदिक उपचार भी होता है। सीटी स्कैन सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा प्रसव के लिए भी मरीज बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।जिला अस्पताल में लगातार बढ़ती मरीजों को देखते हुए जगह की कमी महसूस की जा रही है। जनप्रतिनिधियों की मांग पर स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने तीन नए अस्पताल के लिए स्वीकृति दे दी है। जिसमें नया जिला अस्पताल भी शामिल है। नए अस्पताल से सुविधाएं भी बढ़ेंगी। अस्पतालों के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। धमतरी से लगे आसपास के गांव में जमीन के खोजबीन की जा रही है। नए बनने वाले अस्पतालों में नया जिला अस्पताल 200 बिस्तर का, एमसीएच हॉस्पिटल और आंख का अस्पताल शामिल है।
सर्जन की आवश्यकता
अस्पताल के दो सर्जन द्वारा इस्तीफा देने की वजह से अभी सर्जन कोई नहीं है। जिसके कारण से ऑपरेशन बंद है। यहां पर इसकी तत्काल व्यवस्था की जाए जिससे ऑपरेशन योग्य मरीज यहां से बाहर ना जा सके।
बन रहा नया जी प्लस टू एकीकृत भवन
47 साल पुराने जिला अस्पताल का कायाकल्प हो रहा है। 9 यूनिट को मिलाकर नया जी प्लस टू एकीकृत भवन बनाया जा रहा है। 6.51 करोड़ की लागत से जी प्लस टू भवन बनेगा। इसका निर्माण 12710 स्क्वेयर फीट में हो रहा है। इसमें ट्रामा यूनिट, फिजियोथेरेपी, हमर लैब, दू नॉट लैब, आइसोलेशन वार्ड, सीसीसीयू, बर्न वार्ड, डीटीसी भवन शामिल है। इसके बन जाने से बड़ी सुविधा बढ़ जाएगी।
बनेंगे नए 3 अस्पताल
स्वास्थ्य विभाग राज्य शासन से धमतरी के लिए 100 बिस्तर एमसीएच और 40 बिस्तर आई अस्पताल और 200 बिस्तर जिला अस्पताल की स्वीकृति मिल चुकी है। तीनों अस्पताल के लिए जगह की तलाश की जा रही है। मुख्य जिला अस्पताल के लिए ज्यादा जगह की जरूरत है। लेकिन बाकी दो अस्पतालों के लिए कम जगह में हो जाएगा। इसके लिए जिला अस्पताल के बाजू सिविल लाइन को उपयुक्त माना जा रहा है। राजस्व से रिकॉर्ड लेकर देखा गया जहां पर प्रथम चरण में एक एकड़ को लिया जाएगा उसके बाद फिर दूसरे चरण में एक एकड़ और लिया जाएगा। शिवनंदा अस्पताल से प्राथमिक स्कूल शाला तक जमीन लिया जाएगा। वहां पर के जर्जर मकानों को डिस्मेंटल किया जाएगा और जो निवासरत हैं उनको कहीं और शिफ्ट किया जाएगा।
100 बिस्तर मातृत्व शिशु अस्पताल
इसके लिए लगभग 14000 स्क्वायर फीट की जमीन की आवश्यकता पड़ेगी। इस अस्पताल में एसएनसीयू, प्रसव कक्ष, एएनसी, पीएनसी वार्ड,दो आपरेशन थियेटर शामिल है।
40 बिस्तर आई हॉस्पिटल
यह 40 बिस्तर का आंखों का अस्पताल होगा। इसके लिए 6714 स्क्वायर फीट जमीन की आवश्यकता है। इसमें पूरा सेटअप, वार्ड, ऑपरेशन थिएटर सभी चीजों का समावेश होगा।

Ashish Kumar Jain

Editor In Chief Sankalp Bharat News

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