शिक्षा से तय होता है उन्नति का सफर- अजय चन्द्राकर
संत गुरु घासीदास महाविद्यालय कुरुद में नवीन अतिरिक्त कक्ष का भूमिपूजन हुआ

कुरुद. शिक्षा वह शस्त्र है जिससे समाज, राष्ट्र और व्यक्ति तीनों का भविष्य बदला जा सकता है। यह केवल डिग्री प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि सोच में परिवर्तन, चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण का आधार है। यह प्रेरक उद्गार व्यक्त किए पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री एवं कुरुद विधायक अजय चंद्राकर ने जब वे संत गुरु घासीदास शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कुरुद में नवीन अतिरिक्त कक्ष के भूमिपूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। श्री चंद्राकर ने विद्यार्थियों को पारंपरिक सरकारी नौकरी की सोच से बाहर निकलकर प्रतियोगी परीक्षाओं, स्टार्टअप और नवाचार आधारित करियर की दिशा में बढऩे का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कॉलेज डिग्री की दुकान नहीं, विचार और भविष्य गढऩे की प्रयोगशाला है। विधायक चंद्राकर ने युवाओं को उनके संवाद और सोच के स्तर को ऊंचा करने की सलाह देते हुए कहा, भजिया खाने की चर्चा करने के बजाय स्टार्टअप और इनोवेशन पर बात करें। जिस विषय पर आप चर्चा करते हैं, वही तय करता है कि आप भविष्य में कहां खड़े होंगे। उन्होंने केरल और गुजरात जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां शिक्षा ने न केवल सामाजिक सोच बदली, बल्कि अर्थव्यवस्था को भी नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। यदि कुरुद कॉलेज में उपलब्ध 19 विषयों को सही दिशा में उपयोग किया जाए, तो यह संस्थान पूरे अंचल की आर्थिक रीढ़ बन सकता है। श्री चंद्राकर ने कहा कि उनकी प्राथमिकता है कि कुरुद क्षेत्र में सकल नामांकन अनुपात 50 प्रतिशत से अधिक पहुंचे और शिक्षा सस्ती, व्यवसायिक और रोजगारपरक हो। रोजगार का मतलब केवल सरकारी नौकरी नहीं है, बल्कि ज्ञान, दक्षता और नवाचार की दिशा में आगे बढऩा भी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा एक ऐसा माध्यम है, जिससे न केवल युवा अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि समाज के हर वर्ग को ऊपर उठाया जा सकता है। एक जनप्रतिनिधि का कर्तव्य है कि वह अपने क्षेत्र के युवाओं के भविष्य को लेकर न केवल गंभीर हो, बल्कि उन्हें दिशा भी दे। इस समारोह में जिला पंचायत उपाध्यक्ष गौकरण साहू, जनपद अध्यक्ष गितेश्वरी साहू, विधायक प्रतिनिधि भानु चंद्राकर, जनभागीदारी समिति अध्यक्ष टिकेश साहू, प्राचार्य डॉ. एके मिश्रा लोकेश्वर सिन्हा पूर्व छत्र संघ अध्यक्ष भूपेंद्र चंद्राकर पूर्व छात्र नेता विकास चंद्राकर आदि शामिल हुए।
