प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने रोजाना सैकड़ो छात्र पहुंचते है जिला ग्रंथालय
25 हजार किताबो का है संग्रह, प्रतियोगी परीक्षाओं के अतिरिक्त, कविता, उपन्यास, कहानी, जीके, संस्कृति, जीवनी, संस्मरण, कम्प्युटर, टेक्निकल, धार्मिक सहित अनेक विषयों की पुस्तके है उपलब्ध
महापौर रामू रोहरा ने ली सुध, 15 कुर्सियां, 2 कूलर व 1 वाटर कूलर की कराई व्यवस्था

धमतरी। शिक्षा विभाग द्वारा संचालित जिला ग्रंथालय में लगभग सवा 2 सौ लोगों की बैठक व्यवस्था है। जहां रोजाना सुबह ग्रंथालय खुलने से लेकर रात 8 बजे ग्रंथालय बंद होने तक सभी कुर्सियां फुल रहते है। यहां रोजाना सैकड़ो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र-छात्रायें अध्ययन करने पहुंचते है। रोजाना यहां कई छात्रों के लिए कुर्सियां भी कम पड़ जाती है। इस प्रकार कहा जा सकता है कि जिला गं्रथालय छात्र-छात्राओं के लिए शांति से अध्ययन करने का प्रमुख केन्द्र बना हुआ है।
बता दे कि जिला गंथालय में लगभग 25 हजार विभिन्न प्रकार की पुस्तके है। इनमें प्रतियोगी परीक्षा से संबंधित किताबों के अलावा कविता, कहानी, उपन्यास, जीके, संस्कृति, जीवनी, संस्मरण, कम्प्युटर, टेक्निकल कोर्सेस बुक, धार्मिक किताबे आदि शामिल है। यहां सदस्यता लेने वालो को किताबे घर ले जाने की सुविधा भी प्रदान की जाती है। उक्त ग्रंथालय में खूबियों के साथ कुछ खामियां भी है जिसे दूर किया जाये तो अध्ययन करने पहुंचने वाले छात्र-छात्राओं को और सुविधा हो सकती है। पूर्व में कलेक्टर व महापौर द्वारा जिला गं्रथालय का निरीक्षण किया जा चुका है। जहां कुछ जरुरतो से उन्हें अवगत कराया गया था। जिस पर महापौर रामू रोहरा ने सुध ली। 15 कुर्सियां, 2 कूलर व 1 वाटर कूलर की व्यवस्था कराई। जिससे छात्र-छात्राओं को काफी राहत मिल रही है।
कम पड़ती है बैठने की जगह व कुर्सियां
जिला गं्रथालय रत्नाबांधा रोड पर रेस्ट हाऊस के पास है यहां बड़ी संख्या में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने पहुंचते है। जिससे यहां कई बार जगह व कुर्सियां कम पड़ जाती है। इस समस्या से अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया था जिस पर महापौर ने कुर्सियां, कूलर, वाटर कूलर की व्यवस्था की है। फिर भी छात्रों की संख्या अधिक हो जाने से जगह व कुर्सियां कम पड़ रही है। इससे होनहार छात्रो को अध्यापन कार्य में असुविधा होती है।
नहीं है पार्किंग स्थल

जिला ग्रंथालय मुख्य मार्ग रत्नाबांधा रोड पर है लेकिन यहां पार्किंग स्पेस नहीं है। इसलिए मजबूरन यहां पहुंचने वाले छात्र-छात्राओं को ग्रंथालय के बाहर में अपने वाहन, सायकल खड़ा करना पड़ता है। चूंकि यह व्यस्त मार्ग है। सामने बैंक भी है यहां की वाहने भी सड़क तक पार्क रहती है। बगल में रेस्ट हाऊस है। ऐसे में यहां ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हो जाती है।
नालंदा परिसर की खल रही कमी
नालंदा परिसर का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। इसकी स्वीकृति शासन से मिल गई है। इसके लिए जगह का चयन किया जा रहा है। पहले नागरिक बैंक के पीछे खैय्या में नालंदा परिसर बनाने की योजना थी फिर जमीन में खामियां प्रतीत हुई। फिर हटकेशर में नालंदा परिसर के लिए जगह चयन की चर्चा है। वर्तमान में सुविधा युक्त नालंदा परिसर की कमी खल रही है। स्वीकृत नालंदा परिसर के निर्माण में कई वर्ष लग सकते है।
प्यून से लेकर पीएससी, यूपीएससी की तैयारी वाले छात्र भी पहुंचते है लाइब्रेरी
मिली जानकारी के अनुसार जिला ग्रंथालय में तैयारी करने सभी वर्ग के छात्र पहुंचते है। प्यून से लेकर पीएससी, यूपीएससी और जीईई, गेट, जैसे परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राएं भी लाइब्रेरी पहुंचते है। वहीं यहां कुछ रेगुलर पाठक भी पहुंचते है जो कि दैनिक अखबारों का अवलोकन करने अन्य किताबों का अध्ययन करते है।
” जिला ग्रंथालय के निरीक्षण के दौरान कुछ आवश्यकताओं के संबंध में उन्हें जानकारी मिली जिस पर तत्काल 15 कुर्सियां, 2 कूलर व 1 वाटर कूलर की व्यवस्था कराई गई। भविष्य में भी छात्र-छात्राओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए प्रयास किये जाएंगे।ÓÓ
रामू रोहरा
महापौर नगर निगम धमतरी
