संसार के पदार्थों से सुखवान नहीं हो सकते क्योंकि इनमें केवल क्षणिक सुख ही है
चालीहा महोत्सव के 27 वें दिन सत्संग एवं चालीसा पाठ का आयोजन

धमतरी। सद्गुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज के चालीहा महोत्सव के 27 वें दिन सत्संग एवं चालीसा पाठ का आयोजन अमरापुरवासी लालचंद वाधवानी के दोनों सुपुत्रों राजकुमार वाधवानी एवं नरेंद्रकुमार वाधवानी परिवार ने मिलकर कराया 27 वें दिन आचार्यश्री की गुरुभक्ति पर रोशनी डालते हुए मण्डल के वर्तमान अध्यक्ष स्वामी भगत प्रकाश जी महाराज के धर्मशाला हिमांचल प्रदेश से सन्देश भेजा गया। धमतरी वासियों पर आचार्यश्री की विशेष कृपा रही जिनकी प्रेरणा से अमरापुर दरबार जयपुर में निवासरत परम पूज्य सन्त स्वामी मनोहर प्रकाश जी महाराज ने सत्संग के दौरान रात्रि 10.10 मिनट पर वीडियो कॉल द्वारा ऑनलाइन स्वरचित भजन सुनाकर भक्तों को निहाल किया। इस भजन में आचार्यश्री के द्वारा स्थापित अमरापुर दरबार एवं आचार्य श्री के परम आज्ञाकारी शिष्य एवं द्वितीय पीठाधीश्वर सद्गुरु स्वामी सर्वानंद जी महाराज के द्वारा स्थापित जयपुर में आलीशान दरबार एवं यहां स्थापित आचार्यश्री की समाधी की महिमा का गुणगान किया गया है एवं बताया गया समाधि स्थल पर आने वाले सभी भक्तों के दु:ख दर्द का निवारण हो जाता है इस बात के प्रमाण में गूंगे घनश्याम का दृष्टांत दिया गया है कि कैसे समाधि स्थल पर उसके माता पिता ने आकर प्रार्थना की एवं उनकी वेदना भरी पुकार को सुन करुणा करके आचार्यश्री ने उसे निहाल किया एवं गूंगा घनश्याम सत् नाम साक्षी सत् नाम साक्षी बोल उठा आज भी समाधि स्थल पर लोगों की पुकार सुन उनकी सारी मुरादें पूरी कर दयालुता धारी आचार्यश्री सबका भला कर रहे हैं। पूज्य सन्त जी के सत्संग के पश्चात् उपस्थित सभी भक्तों के साथ मिलकर आश्रम के सन्त लोकेशकुमार जी ने चालीसा पाठ किया एवं सत्संग के दौरान बताया कि आज प्रत्येक मनुष्य को सुख की तलाश है सुख के लिए भटक रहा है सुख के लिए धन बल ज्ञान इक_ा कर रहा है पर हकीकत यह है कि धन से धनवान तो बन सकता है बल से बलवान तो बन सकता है ज्ञान से ज्ञानवान तो बन सकता है लेकिन इन संसार के पदार्थों से सुखवान नहीं हो सकता क्योंकि इनमें केवल क्षणिक सुख ही है परम सुख नही है एवं ये सब यहीं रह जाएंगे जीवन क्षणभंगुर है।
