मेघा पुल बंद : अस्थायी रपटा कीचड़ और फिसलन से बन रहा परेशानी का सबब

कुरुद। कुरुद क्षेत्र में मेघा पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद वैकल्पिक आवागमन हेतु प्रशासन द्वारा बनाया गया अस्थायी रपटा अब जनता के लिए परेशानी का सबब बन गया है। बरसात शुरू होते ही यह रपटा कीचड़ और फिसलन से भर गया है, जिससे आमजनों को रोजमर्रा की आवाजाही में कठिनाइयों और जान जोखिम का सामना करना पड़ रहा है। मानसून की पहली ही बारिश में यह रपटा दलदल में तब्दील हो गया है। स्कूली बच्चे, कॉलेज के छात्र-छात्राएं, शिक्षक, व्यापारी, महिलाएं, बुज़ुर्ग और मरीज़ सभी को इस अस्थायी मार्ग से प्रतिदिन जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कीचड़ और ढलान के कारण दोपहिया वाहन फिसल रहे हैं और अब तक कई लोग चोटिल हो चुके हैं। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्यवाही या सुधार की पहल नहीं की गई है। रपटे के दोनों ओर न तो कोई चेतावनी संकेत लगे हैं और न ही वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने केवल रास्ता खोल दिया है, लेकिन जनसुरक्षा को लेकर गंभीरता नदारद है। लोगों ने मांग की है कि बारिश को देखते हुए रपटा पर तत्काल मुरूम डाला जाए, मजबूत सतह बनाई जाए तथा जल निकासी की उपयुक्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही स्थायी पुल निर्माण कार्य में तेजी लाने की आवश्यकता पर बल दिया गया है। इस समस्या को लेकर व्यापारी संघ, ग्राम पंचायत एवं ग्राम समिति मेघा द्वारा तहसीलदार को मौखिक रूप से अवगत कराया गया है। व्यापारी संघ अध्यक्ष डगेश्वर निषाद ने तहसीलदार से मौखिक चर्चा करते हुए दो प्रमुख मांगें रखी कि रपटे में तत्काल मुरूम डाला जाए, जिससे फिसलन कम हो सके। पानी निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि कीचड़ और दलदल की स्थिति समाप्त हो।

