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निजी विद्यालयों की मांग हुई, पूरी बिना स्कैन के मिली पुस्तके

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पाण्डेय का जताया गया आभार

संपूर्ण छत्तीसगढ़ में 1 जुलाई से निजी विद्यालयों को 6 डिपो से पुस्तक वितरित किया जा रहा है
परंतु एक जिले को एक या अधिकतम दो दिन समय देने के कारण किसी भी विद्यालय के द्वारा पुस्तक उठाना संभव नहीं है। सभी पुस्तक को स्कैन करना तो बहुत दूर की बात। रायपुर डिपो में ही 1 जुलाई से प्रातः 10 बजे से स्कूल वाले पुस्तक को स्कैन कर रहे हैं ।रात्रि 1:30 बजने के उपरांत वह सब घर गए ।फिर सुबह से स्कैन कर रहे हैं। और अभी वर्तमान में दोपहर 2 बजे तक के स्कैन नहीं हो पाया है ।अभी तक रायपुर डिपो से सिर्फ 30 स्कूलों को पुस्तक मिली है ।और जबकि गरियाबंद जिले में ही करीब 90 स्कूल है। इसी तरीके से छत्तीसगढ़ में जितने भी 6 डिपो उनमें प्रत्येक डिपो में अधिकतम 30 से 40 स्कूलों को ही पुस्तक प्रदान किया गया है।जबकि वहीं शासकीय स्कूलों को संकुल स्तर पर पुस्तक पहुंचाई गई है और विगत 15 दिनों पहले से पुस्तक पहुंचने के बाद भी आज तक वह पुस्तक स्कैन नहीं हो पाई हैं।और यहां शर्त रखी जा रही है की पुस्तक को स्कैन कर के ही डिपो से ले जाना है ।
प्रत्येक स्कूल से डिपो की दूरी 150 से 200 किलोमीटर दूर है। सभी संचालक को अपने अपने शिक्षक शिक्षिकाओं को लेकर जाना पड़ रहा है ।न यहां प्रसाधन की व्यवस्था है। पानी तो बहुत दूर की बात है।छत्तीसगढ़ राज्य और शासकीय विद्यालय संचालक संघ की अध्यक्ष सुबोध राठी एवं सचिव मनोज पाण्डेय एवं सभी जिलों के पदाधिकारी के द्वारा विगत बुधवार को छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम रायपुर के डिपो में धरना प्रदर्शन किया गया था और मांग रखी गई थी कि निजी विद्यालयों को निशुल्क पुस्तक बिना स्कैन के प्रदान की जाए। जैसा की शासकीय स्कूल को किया गया था।हमारी मांग पूर्ण हुई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पाण्डेय का आभार।साथ ही आप सभी साथियों का भी विशेष आभार.

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