Uncategorized

छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के नेतृत्व में जबर भुइंया बचाव आंदोलन तेज, बारिश में भी डटे पीड़ित परिवार

धमतरी-जिले के स्टेशनपारा क्षेत्र में रेलवे विभाग द्वारा जबरन मकान खाली कराने की कार्रवाई के विरोध में अब आंदोलन ने तीव्र रूप ले लिया है।
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के नेतृत्व में शुरू हुए जबर भुइंया बचाव आंदोलन में सैकड़ों महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे सड़क पर उतरकर विरोध दर्ज करा रहे हैं।बारिश के बीच भी प्रभावित परिवार अपने अधिकारों की रक्षा के लिए डटे हुए हैं। स्टेशनपारा के कई परिवार 1984 से वैध पट्टा पर निवास कर रहे हैं।उन्हें इंदिरा आवास योजना, शौचालय और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिला।अब रेलवे विभाग ने बिना अधिग्रहण, मुआवज़ा या पुनर्वास के 15 दिन में मकान खाली करने का फरमान जारी किया है. छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना की मांग है कि रेलवे की बेदखली कार्यवाही पर तत्काल रोक लगाई जाए।प्रभावित परिवारों को मुआवज़ा, वैकल्पिक ज़मीन और निर्माण सहायता दी जाए।जब तक पूर्ण न्यायिक और राजस्व जांच न हो जाए, कोई मकान न तोड़ा जाए।
शासन जनता की सुनवाई करे, अन्यथा आंदोलन जिला मुख्यालय से रायपुर विधानसभा तक ले जाया जाएगा.छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रतिनिधियों ने कहा यह लड़ाई गरीबों के हक की है, छत्तीसगढ़ियों की अस्मिता की है। रेलवे हो या कोई विभाग – संविधान से ऊपर कोई नहीं है। अगर प्रशासन नहीं सुनेगा तो सडकऔर जनआंदोलन दोनों होंगे।जनसमर्थन
जनता में आक्रोश और समर्थन लगातार बढ़ रहा है।अब यह आंदोलन राज्यव्यापी रूप लेने की दिशा में है।

Ashish Kumar Jain

Editor In Chief Sankalp Bharat News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!