किसानों की आस्था से खिलवाड़ का विरोध: एनएसयूआई जिलाध्यक्ष राजा देवांगन ने खेत में उतरकर जताया विरोध
डीएपी, खाद की किल्लत और कालाबाज़ारी पर भी उठाई आवाज़

छत्तीसगढ़ में किसान जिस मिट्टी को पूजते हैं, कुछ नेता आज उसी मिट्टी की मेहनत का मज़ाक उड़ा रहे हैं। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष राजा देवांगन ने अपने साथियों के साथ आज खेत में उतरकर कुर्सी रखकर प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया. मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े द्वारा कुर्सी में बैठकर रोपा लगाने के दिखावटी प्रचार के खिलाफ।राजा देवांगन ने कहा धान का खेत हमारी अस्मिता है, फोटोशूट की जगह नहीं। कुर्सी में बैठकर रोपा लगाना किसानों के खून-पसीने का अपमान है।प्रदर्शन के दौरान जब राजा देवांगन व उनके साथी खेत में पहुंचे, वहां काम कर रहीं महिला किसानों ने खुलकर बताया कि अब तक उन्हें डीएपी खाद नहीं मिला है। गांव-गांव में व्यापारी कालाबाजारी कर रहे हैं और खाद ब्लैक में बेचा जा रहा है। प्रशासन और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।कृषि का मौसम निकल रहा है, लेकिन खाद की कमी और सरकार की चुप्पी ने किसानों को गहरा नुकसान पहुंचाया है,
राजा देवांगन ने खेत में मौजूद किसानों की बात सुनने के बाद यह बात कही।मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े को किसानों से सार्वजनिक माफ़ी मांगने,खाद की उपलब्धता तत्काल सुनिश्चित की जाए और कालाबाज़ारी में शामिल दुकानदारों पर सख्त कार्रवाई, किसानों से जुड़ी हर योजना की जमीनी निगरानी की जाए, केवल कागज़ और कैमरे पर नहीं जैसे मांग रखी. इस दौरान पारस मणि साहू ,पोटियाडीह उप सरपंच राजीव गिरी गोस्वामी ,प्रशांत शर्मा ,तेजप्रताप साहू ,उमेश साहू ,गजेंद्र साहू ,सुनील सिन्हा ,सुदीप सिन्हा ,हार्दिक साहू ,समीर मानिकपुरी ,माही साहू ,पुणेश हिरवानी उपस्थित रहे.

