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गंगरेल बांध में हो रही लगभग 5600 क्यूसेक पानी की आवक, दो गेटो से छोड़ा जा रहा उतना ही पानी

90 प्रतिशत जल भराव होने के बाद ऐतिहातन बांध से छोड़ा जा रहा पानी, आवक बढऩे पर खुल सकते है बांध के सभी 14 गेट


धमतरी। बारिश थमने के बाद गंगरेल बांध में पानी की आवक भी पहले की तुलना में कम होने लगी है। वर्तमान में बांध में 90 प्रतिशत जल भराव है ऐसे में बांध में वाटर लेवल मेंनटेन रखने जितनी मात्रा में आवक हो रही है उतनी ही मात्रा में पानी सिंचाई व बीएसपी व पेयजल के लिए छोड़ा जा रहा है।
ज्ञात हो कि शनिवार को बांध में 14 हजार क्यूसेक पानी की आवक हो रही थी, रविवार को आवक कम होकर 5 हजार 423 क्यूसेक पहुंच गई। 4 व 5 नंबर के रेडियल गेट से सिंचाई के लिए 2600 क्यूसेक पानी रुद्री बैराज में छोड़ा जा रहा. यह जावक जारी रही। इसके अलावा पेन स्टाक से 1650 क्यूसेक तथा हेड रेगुलेटर से 300 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, इस तरह पानी की कुल जावक 5 हजार 320 क्यूसेक रही थी, लेकिन आज सुबह 11 बजे की स्थिति में बांध में लगभग 5600 क्यूसेक पानी की आवक हो रही थी और लगभग उतना ही पानी छोड़ा जा रहा है। सोमवार की सुबह 11 बजे की स्थिति में बांध का जलस्तर 347.96 मीटर पर था, जो कि खतरे के निशान से 0.74 सेमी दूर था। वहीं बांध में कुल जलभराव 29.6 टीएमसी दर्ज किया गया जो कि 32.150 टीएमसी की कुल क्षमता का 90 प्रतिशत है।
आवक के चलते तटीय गांवो में जारी किया गया है अलर्ट
गंगरेल बांध में बढ़ते जल स्तर व आवक में बढ़ोत्तरी को देखते हुए जिला प्रशासन के द्वारा महानदी किनारे के गांवों में अलर्ट जारी करने के साथ ही उन सभी जिला को सूचना दे दी गई है। जो गंगरेल से पानी छोडऩे पर प्रभावित होते है। गंगरेल बांध की कुल क्षमता भले ही 32.150 टीएमसी की है लेकिन पानी छोडऩे के लिए बांध के पूरा भरे बिना ही डिस्चार्ज शुरु कर दिया जाता है ताकि अचानक आवक बढऩे पर बांध में जगह रहे। सूत्रों की माने तो जिला प्रशासन की तैयारी बांध में 94 से 95 प्रतिशत जलभराव पर पूरे 14 गेट खोलकर डिस्चार्ज करने की थी लेकिन कैचमेंट एरिया में बारिश नहीं होने के कारण यह स्थिति ही नहीं बनी।

Ashish Kumar Jain

Editor In Chief Sankalp Bharat News

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