धमतरी में पहली बार स्थापित होंगे अत्याधुनिक स्किल सेंटर
युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने जिला प्रशासन की अनूठी पहल

*एक ही छत के नीचे 600 युवाओं को प्रशिक्षण की सुविधा*
*धमतरी, 28 सितम्बर 2025/जिला प्रशासन ने धमतरी के युवाओं को प्रशिक्षित कर रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा के नेतृत्व में भारतीय व्यवसायी एवं निवेशक श्री मधुसूदन केला और अंबुजा फाउंडेशन के साथ बीते दिनों एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया गया है। इसके तहत जिले में अत्याधुनिक स्किल सेंटर स्थापित किए जाएंगे।*
*एक ही छत के नीचे 600 युवाओं को प्रशिक्षण की सुविधा*
*इन स्किल सेंटरों में एक समय में 500 से 600 युवाओं को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था होगी। वार्षिक लक्ष्य के रूप में 1000 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें हुनरमंद बनाने का उद्देश्य रखा गया है।*
*विभिन्न क्षेत्रों में कोर्स की सुविधा*
*युवाओं के लिए रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम तैयार किए गए हैं, जिनमें हेल्थकेयर, ब्यूटी एंड वेलनेस, बीएफएसआई (बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा) तथा निर्माण क्षेत्र शामिल हैं। प्रशिक्षण अवधि इस प्रकार होगी *
• हेल्थ केयर – जनरल ड्यूटी असिस्टेंट : 70 दिन
• ब्यूटी एंड वेलनेस – असिस्टेंट ब्यूटी थेरेपिस्ट : 65 दिन
• बीएफएसआई – बिजनेस करस्पोंडेंस एंड बिजनेस फैसिलेटर : 50 दिन
• कंस्ट्रक्शन – असिस्टेंट इलेक्ट्रीशियन : 50 दिन
*प्लेसमेंट की भी सुविधा*
*इन स्किल सेंटरों से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को न केवल रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे, बल्कि उन्हें उद्योगों और कंपनियों से सीधे जोड़कर प्लेसमेंट की भी व्यवस्था की जाएगी।*
*युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना उद्देश्य – कलेक्टर
*कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि धमतरी के युवाओं में प्रतिभा और क्षमता की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल सही मार्गदर्शन और अवसर की है। उन्होंने बताया कि स्किल सेंटर में उच्चस्तरीय लैब और हेल्थ टेक्निशियन जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रम भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को आधुनिक और तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में दक्ष बनाना है, ताकि वे केवल नौकरी पाने तक सीमित न रहकर अपने व्यवसाय शुरू करने की क्षमता भी विकसित कर सकें*
*एमओयू का महत्व*
*समझौता ज्ञापन (एमओयू) एक लिखित अनुबंध होता है, जो दो या अधिक पक्षों के साझा लक्ष्यों और अपेक्षाओं को स्पष्ट करता है। यह आमतौर पर कानूनी रूप से बाध्यकारी न होकर भविष्य में संभावित सहयोग के लिए आधार तैयार करता है।*
*यह पहल न केवल जिले के शहरी क्षेत्रों, बल्कि ग्रामीण युवाओं को भी वैश्विक स्तर की स्किल ट्रेनिंग उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होगी।*


