गंगरेल बाँध क़े सभी गेट बंद:हो रही 7348 क्यूसेक पानी की आवक, पेन स्टॉक से छोड़ा जा रहा 1650 क्यूसेक पानी
बाँध मे वर्तमान मे कुल जलभराव है 31.583 टीएमसी जिसमे उपयोगी पानी है 26.512 टीएमसी

लगातार बारिश का दौर जारी है. अच्छी बारिश से गंगरेल बांध लबालब है.लगातार बारिश से बांध में पानी की आवक बनी हुई है. 32. 150 टीएमसी क्षमता वाला गंगरेल बांध अब छलकने लगा है.लगातार बारिश से बांध मे दोपहर 12 बजे की स्थिति मे 7348 क्यूसेक पानी की आवक बनी हुई है. वही 1650 क्यूसेक गंगरेल बांध से पानी छोड़ा जा रहा है. बाँध क़े सभी गेट बंद हो चुके है. उक्त पानी पेन स्टॉक क़े माध्यम से डिस्चार्ज हो रहा है. पिछले 24 घंटे मे बांध मे कैचमेंट एरिया मे 34 मिलिमीटर वर्षा दर्ज की गई है. बांध का लेवल 348.53 मीटर है बाँध मे कुल जलभराव 31.583 टी एम सी है वहीं उपयोगी पानी जलभराव 26.512 टी एम सी है कैचमेंट एरिया से लगातार पानी की आवक बनी हुई है. प्रदेश का सबसे बड़ा रविशंकर जलाशय गंगरेल बांध लबालब होने से बाँध की खूबसूरती बढ़ गई है जिससे पर्यटको की संख्या भी बढ़ गयी है.बता दे की कल रात बांध क़े 8 गेट खोल कर 55000 क्यूषेक पानी बहाया जा रहा था. जिससे गंगरेल सहित रुद्री डैम का नजारा भी आकर्षक हो गया. बाढ़ क़े हालत को देखते हुए नदी तटीय गांव मे अलर्ट जारी किया गया है.
बारिश से जिले क़े सभी बांध लबालब
रुक रुककर हो रही बारिश का असर खेत-खलिहान, तालाब, नालों के साथ बांधों के जलस्तर पर भी नजर आ रहा है. गंगरेल के जलग्रहण क्षेत्र चारामा, भानुप्रतापपुर, कांकेर में हो रही अच्छी बारिश के कारण बांध का जलस्तर बढ़ता रहा है. बांध तो शत प्रतिशत भर चुका है अतिरिक्त जलभराव की स्थिति क़े चलते बाँध से लगातार पानी छोड़ जा रहा है.जिले क़े अन्य बांधो जैसे माड़ामसिल्ली दूधावा सोंढूर मे भी पर्याप्त जल भराव है उक्त बांध भी छलकने लगे है.
